37वीं पूर्वी क्षेत्र जूनियर एथलेटिक्स: मेजबान बिहार के एथलीटों ने दिखाया दम, रोहित राज ने जीता स्वर्ण

East Zone Junior Athletics: पटना के पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 37वीं पूर्वी क्षेत्र जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता चल रही है।

इसमें मेजबान बिहार के युवा एथलीटों ने पहले ही दिन अपनी मौजूदगी का प्रभावी प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में बिहार के 139 एथलीट, जिनमें 58 महिला खिलाड़ी शामिल हैं, हिस्सा ले रहे हैं।

पहले दिन बिहार के लिए सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन रोहित राज ने किया।

अंडर-16 बालक वर्ग की 80 मीटर हर्डल्स में रोहित राज ने 10.38 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

इस स्पर्धा में झारखंड के एमानुएल किस्कू 10.42 सेकेंड के साथ दूसरे और ओडिशा के ए. साह 10.43 सेकेंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

रोहित का प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि वे 80 मीटर हर्डल्स में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।

पटना के घरेलू ट्रैक पर उनका प्रदर्शन बिहार की जूनियर एथलेटिक्स प्रतिभा की मजबूती को दर्शाता है।

139 एथलीटों के साथ उतरा है बिहार

इस चैंपियनशिप में बिहार का दल क्षेत्र के बड़े दलों में शामिल है।

बिहार के 139 खिलाड़ी अलग-अलग आयु वर्गों और ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में चुनौती पेश कर रहे हैं।

प्रतियोगिता में स्प्रिंट, हर्डल्स, रिले, लॉन्ग जंप, ट्रिपल जंप, हाई जंप, पोल वॉल्ट, शॉटपुट, जेवलिन, डिस्कस और हैमर थ्रो जैसी स्पर्धाएं शामिल हैं।

भागलपुर से ही बिहार टीम में 16 एथलीटों का चयन हुआ है।

इनमें अंडर-14 से लेकर अंडर-20 तक के खिलाड़ी शामिल हैं।

जिला स्तर और राज्य स्तर पर पदक जीत चुके इन खिलाड़ियों से भी बिहार को अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

मधुबनी के वंशराज सिंह और दिव्यांशु रंजन भी बिहार टीम का हिस्सा हैं।

दिव्यांशु राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में ट्रायथलॉन-ए में स्वर्ण जीत चुके हैं।

जबकि वंशराज ने जिला स्तर पर स्वर्ण और राज्य स्तर पर रजत पदक हासिल किया है।

अभी दो दिन बाकी, पदकों की उम्मीद बरकरार

37वीं पूर्वी क्षेत्र जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 22 से 24 सितंबर तक पटना में आयोजित हो रही है।

प्रतियोगिता में अंडर-14, अंडर-16, अंडर-18 और अंडर-20 आयु वर्गों में ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धाएं हो रही हैं।

इसलिए पहले दिन रोहित राज का स्वर्ण बिहार के लिए शुरुआत भर है।

आने वाले दो दिनों में बिहार के कई अन्य एथलीटों के पास पदक जीतने का मौका है।

मेजबान होने के साथ-साथ बड़ा दल उतारने वाला बिहार अब अपनी पदक संख्या बढ़ाने के इरादे से ट्रैक और फील्ड पर उतरेगा।