T-20 World Cup 2026: खुद का घर संभल नहीं रहा, चले हैं दूसरों पर टिप्पणी करने। जी हां, कुछ यही हाल है पाकिस्तान का। अब देखिये न भारत से World Cup में जीत पाते तो हैं नहीं, तो क्या करें भाई।
चर्चा में जो बने रहना है, कुछ न कुछ तो बोलना ही पड़ेगा न। वैसे भी कुछ बोलने से कहां उनका मन भरता है, और सबसे बड़ी बात कि दूसरे देशों के बारे में बोलेंगे तो पाकिस्तानी क्रिकेट फैन को क्या ही फर्क पड़ेगा।
इसीलिए मैच जीतो या न जीतो, बस टीम इंडिया (Team India) को गरियाते रहो और पाकिस्तानियों को खुश करते रहो। 15 फरवरी को कोलंबो की धरती पर पाकिस्तान को भारत ने जमकर धोया।
धोया तो धोया कुछ ऐसा धोया कि गेंदबाजी में भी पिटे और बल्लेबाजी तो ऐसी धमाकेदार की “कि तू चल मैं आई” वाला गाना याद आ गया। एक बार वर्ल्ड कप में किसी तरह जीत गये तो समझ लिया कि तोप हो गये।
ये भूल गया कि 8 बार हार चुके हो। वैसे भी भारतीय खिलाड़ी तो अब तुम्हें अपना प्रतिद्वंदी मानते ही नहीं। और पैंतरा तो देखिये इस फिसड्डी टीम पाकिस्तान का कि हम भारत में नहीं खेलेंगे। अरे भाई दुनिया के किसी भी कोने में खेल लो, हार तो तय लिखी है।
फिर इतनी पैंतरेबाजी क्यों। डर तो तुम्हें भारत के हर खिलाड़ी से है, हर क्रिकेट फैंस से है। इतनी बार हार चुके हो तो कहीं न कहीं भड़ास तो निकालोगे ही। यही वजह है कि पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद आमिर (Former cricketer Mohammad Aamir) ने भविष्यवाणी की है।
क्या है ये भविष्यवाणी?
उन्होंने कह दिया है कि भारत सेमीफाइनल की रेस में नहीं पहुंचेगा। इतना ही नहीं उन्होंने वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका को सेमीफाइनल में अपनी ज़ुबानी पहुंचा भी दिया है। अरे आमिर साहेब, लगता है कि आप अपनी धुलाई भूल चुके हैं।
सहवाग, सचिन, युवराज जब आपकी गेंदों को ठोंका करते थे तो आप मुंह ताकने के सिवा कुछ और नहीं कर पाते थे। टीम इंडिया की चिंता छोड़ ही दें आप, बेहतर होगा कि पाकिस्तानी टीम को थोड़ी नसीहत दे दें, ताकि कम से कम वो सुपर-8 में इतना तो खेल लें कि इज़्जत से वतन वापस जा सकें।
वरना होगा क्या, आपलोगों को तो बेशर्मों वाली आदत सी पड़ ही चुकी है। विदेश में सीरीज खेलते हो और हारने के बाद दुबई या दूसरे देशों में महीनों छुपकर बैठे रहते हो। देख लो भाई आमिर साहेब, कहीं ये भविष्यवाणी (Prediction) आपकी ही टीम पर लागू न हो जाये।
और अगर ऐसा हो गया और पाकिस्तानी टीम ही Semi-Finals की राह से बाहर हो गयी न, तो कहीं छिपकर भागने का रास्ता ढूंढ ही लेना।
