सिमडेगा में 38वीं नवयुवक संघ हॉकी चैंपियनशिप का आगाज, रेगारी और पाकरटांड़ ने जीते मुकाबले

Vedtimes.com | स्पोर्ट्स डेस्क

Simdega Hockey: झारखंड के सिमडेगा में 38वीं नवयुवक संघ हॉकी चैंपियनशिप महिला एवं पुरुष–2026 का भव्य उद्घाटन लट्ठाखम्महन खेल मैदान में हुआ।

20 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के पहले दिन रेगारी और पाकरटांड़ की टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की।

प्रतियोगिता का आयोजन नवयुवक संघ हॉकी एसोसिएशन, लट्ठाखम्महन और स्थानीय ग्रामीणों के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है।

उद्घाटन समारोह में हॉकी झारखंड के महासचिव मनोज कोनबेगी, पूर्व मुखिया लॉरेंस डुंगडुंग, हॉकी सिमडेगा के सचिव एलशन कीड़ों, तलीन तिग्गा और मुकुट डुंगडुंग सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया।

पहले दिन रेगारी और पाकरटांड़ का शानदार प्रदर्शन

प्रतियोगिता के पहले मुकाबले में रेगारी की टीम ने फरसापानी को 5–1 गोल से हराकर शानदार जीत हासिल की।

दूसरे मुकाबले में पाकरटांड़ की टीम ने बाघचट्टा को 4–2 गोल से पराजित किया।

दोनों विजेता टीमों ने अपने प्रदर्शन से प्रतियोगिता में आगे बढ़ने की मजबूत दावेदारी पेश की।

इसी प्रतियोगिता से मिली थी सलीमा टेटे की प्रतिभा को पहचान

इस चैंपियनशिप की सबसे खास पहचान भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान और ओलंपियन सलीमा टेटे से जुड़ी है।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए हॉकी झारखंड के महासचिव मनोज कोनबेगी ने कहा कि इस प्रतियोगिता ने ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को सामने लाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।

उन्होंने बताया कि एक समय यह प्रतियोगिता सिमडेगा जिले की महिला हॉकी खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का प्रमुख मंच हुआ करती थी।

महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रतियोगिता में महिला हॉकी को विशेष स्थान दिया गया था।

मनोज कोनबेगी ने कहा कि उन्हें गर्व है कि इसी प्रतियोगिता के दौरान सलीमा टेटे की हॉकी प्रतिभा को पहली बार देखने और पहचानने का अवसर मिला था।

स्थानीय स्तर पर मिली पहचान, प्रोत्साहन, निरंतर मेहनत और प्रशिक्षण के बल पर सलीमा ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई।

आज वह भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान के रूप में देश का गौरव बढ़ा रही हैं।

38 वर्षों से कायम है हॉकी की परंपरा

मनोज कोनबेगी ने कहा कि 38 वर्षों से लगातार प्रतियोगिता का आयोजन होना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।

स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं, खेल प्रेमियों और आयोजन समिति के सहयोग से यह परंपरा आज भी जारी है।

उन्होंने प्रतियोगिता के संस्थापक सदस्य एवं पूर्व मुखिया स्वर्गीय जोसेफ बा के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्हें उनसे काफी मार्गदर्शन और सहयोग मिला था।

जोसेफ बा हॉकी के प्रति बेहद समर्पित थे।

प्रतियोगिता के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें मैदान से अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका निधन हो गया।

उनका जाना स्थानीय हॉकी जगत के लिए अपूरणीय क्षति थी।

आयोजन समिति और तकनीकी अधिकारियों का योगदान

प्रतियोगिता के सफल आयोजन में संरक्षक मुकुट डुंगडुंग, बसंत बा, एलशन कीड़ों, अतुल कुल्लू और यूनल केरकेट्टा सहित आयोजन समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

वहीं हॉकी सिमडेगा के तकनीकी पदाधिकारियों एवं सदस्यों कुनूल भेंगरा, करिश्मा परवार, तलीन तिग्गा और निर्मेश तिर्की सहित अन्य लोगों ने प्रतियोगिता के संचालन में सहयोग दिया।

20 अक्टूबर तक चलने वाली इस चैंपियनशिप में महिला और पुरुष खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

उम्मीद है कि यह आयोजन सिमडेगा की समृद्ध हॉकी परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से नई प्रतिभाओं को पहचान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

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