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Grand welcome of Champions: राष्ट्रीय नेहरू अंडर-17 बालिका हॉकी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर लौटीं सिमडेगा की बेटियों का सोमवार को जोरदार स्वागत हुआ।
ढोल-नगाड़ों की थाप, नाच-गाने और फूलों की वर्षा के बीच शहर ने अपनी चैंपियन खिलाड़ियों का अभिनंदन किया।
हॉकी सिमडेगा की अगुवाई में आनंद भवन धर्मशाला में सम्मान समारोह आयोजित हुआ।
इसमें खेल प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यवसायियों और जिले के गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया।
सभी ने खिलाड़ियों की ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जताई।
9 साल बाद सिमडेगा ने फिर रचा इतिहास
दिल्ली में आयोजित 32वीं राष्ट्रीय नेहरू अंडर-17 बालिका हॉकी प्रतियोगिता में मुख्यमंत्री उत्कृष्ट बालिका उच्च विद्यालय, सिमडेगा की टीम ने झारखंड का प्रतिनिधित्व किया।
टीम ने प्रतियोगिता के सभी मुकाबलों में जीत दर्ज की और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इस जीत के साथ सिमडेगा की बेटियों ने 9 साल पुराना गौरव फिर दोहराया।
इससे पहले वर्ष 2017 में भी जिले की टीम ने इस प्रतियोगिता में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था।
9 वर्षों बाद मिली इस सफलता ने जिले की हॉकी परंपरा को नई मजबूती दी है।
खिलाड़ियों की मेहनत और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन ने सिमडेगा को एक बार फिर राष्ट्रीय हॉकी के नक्शे पर चमका दिया।
ढोल-नगाड़ों के साथ चैंपियनों का स्वागत
सम्मान समारोह से पहले खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों ने आवासीय हॉकी सेंटर के खेल छात्रावास से आनंद भवन धर्मशाला तक यात्रा की।
इस दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच खिलाड़ी और खेल प्रेमी खुशी से झूमते रहे।
कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर लोगों ने फूल बरसाकर चैंपियनों का स्वागत किया।
गणमान्य लोगों और हॉकी प्रेमियों ने फूलमालाएं पहनाकर खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
तिरंगे के प्रतीकात्मक पट्टों ने समारोह के उत्साह को और बढ़ाया।
प्रशिक्षकों और शिक्षकों को भी मिला सम्मान
हॉकी सिमडेगा ने खिलाड़ियों के साथ उनकी सफलता में योगदान देने वाले प्रशिक्षकों और शिक्षकों को भी सम्मानित किया।
आवासीय हॉकी सेंटर की प्रशिक्षक तारिणी कुमारी को नियमित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के लिए सम्मान मिला।
जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार करने वाली कोच सुभीला मिंज, बिमला सोरेंग, रेणुका सोरेंग और प्रदीप बा को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री उत्कृष्ट बालिका उच्च विद्यालय की प्रबंध समिति से जुड़े पदाधिकारियों, बुद्धिजीवियों और शिक्षक साधु मालूवा के योगदान की भी सराहना हुई।
खिलाड़ियों की नियमित मेहनत, अनुशासन और प्रशिक्षकों के समर्पण ने इस सफलता की नींव रखी।
राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर टीम ने इन प्रयासों का शानदार परिणाम सामने रखा।
मनोज कोनबेगी ने बताई हॉकी विकास की कहानी
समारोह में हॉकी झारखंड के महासचिव मनोज कोनबेगी ने सिमडेगा में हॉकी के विकास की यात्रा साझा की।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 से जिले में हॉकी को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय टीम को राष्ट्रीय नेहरू हॉकी प्रतियोगिता के लिए तैयार करने से शुरू हुआ सफर आज राष्ट्रीय चैंपियन बनने तक पहुंच गया है।
ये खिलाड़ी बनीं राष्ट्रीय चैंपियन
स्वर्ण पदक जीतने वाली सिमडेगा की टीम में अनीशा कुल्लू, बेरटीला केरकेट्टा, पुष्पा मांझी, संदीपा कुमारी, रेजिना कुल्लू, सीमा तिर्की और निपुणता कुल्लू शामिल थीं।
इसके अलावा सानिया तिर्की, महिमा कुल्लू, आरती कुमारी, पुनीता मांझी, सोमिया डुंगडुंग, रेशमा कुमारी और अनुप्रिया एक्का ने भी टीम की जीत में योगदान दिया।
सम्मान समारोह में जुटे हॉकी प्रेमी
कार्यक्रम में हॉकी झारखंड के महासचिव मनोज कोनबेगी, राजेश शर्मा, रोहित सिंह और मुरारी अग्रवाल उपस्थित रहे।
हॉकी सिमडेगा की ओर से पैंक्रियस टोप्पो, एल्शन किड़ो, कमलेश मांझी, करिश्मा परवार, कुनूल भेंगरा, नेहा कुमारी, कुंती कुमारी, तलीन तिग्गा, टिंटस बड़ा और राजू मांझी सहित कई लोग शामिल हुए।
कालेश्वर मांझी ने कार्यक्रम का संचालन किया।
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