India Vs Srilanka Test: भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला आज से कोलंबो के सिन्हलीज स्पोर्ट्स क्लब में शुरू होगा।
गॉल में 165 रनों की शानदार जीत के बाद भारतीय टीम सीरीज में 1-0 से आगे है और अब उसकी नजर सीरीज पर 2-0 से कब्जा करने के साथ-साथ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अपनी स्थिति मजबूत करने पर है।
पहले टेस्ट की जीत ने भारत को WTC में महत्वपूर्ण बढ़त दी है।
गॉल टेस्ट के बाद भारत का पॉइंट प्रतिशत 53.33 तक पहुंचा और वह पांचवें स्थान पर है।
कोलंबो में जीत से यह आंकड़ा 57.58 प्रतिशत तक पहुंच सकता है, जिससे टीम टॉप-4 की दौड़ में और मजबूत होगी।
गिल और जायसवाल से बड़ी पारी की उम्मीद
कप्तान शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल दोनों से दूसरे टेस्ट में बड़ी पारी की उम्मीद होगी।
गॉल में दोनों अपनी क्षमता के मुताबिक योगदान नहीं दे सके थे।
ऐसे में कोलंबो में भारतीय पारी की मजबूत शुरुआत और कप्तान की जिम्मेदार बल्लेबाजी टीम के लिए बेहद अहम होगी।
केएल राहुल ने पहले टेस्ट में उपयोगी योगदान देकर अनुभव का महत्व दिखाया।
उनसे एक बार फिर मुश्किल परिस्थितियों में पारी संभालने की उम्मीद होगी।
वहीं देवदत्त पडिक्कल ने भी अपनी बल्लेबाजी से भरोसा पैदा किया है।
इस युवा बल्लेबाज के लिए दूसरा टेस्ट खुद को साबित करने का एक और बड़ा मौका होगा।
पंत का आक्रामक अंदाज फिर दिखेगा?
पहले टेस्ट में ऋषभ पंत ने 66 रन की तेज तर्रार पारी खेलकर मैच का रुख बदलने में अहम भूमिका निभाई थी।
उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपने 100 छक्के भी पूरे किए।
दूसरे टेस्ट में भी पंत से सिर्फ विकेटकीपिंग ही नहीं, बल्कि निचले क्रम में तेजी से रन बनाने की उम्मीद होगी।
उनकी आक्रामक बल्लेबाजी श्रीलंका के गेंदबाजों पर दबाव बनाने का सबसे बड़ा हथियार बन सकती है।
मानव सुथार पर फिर रहेंगी निगाहें
पहले टेस्ट के सबसे बड़े हीरो रहे मानव सुथार।
अपने दूसरे ही टेस्ट में उन्होंने मैच में 10 विकेट झटककर भारत की जीत की कहानी लिख दी।
दूसरी पारी में उनके 6/55 के स्पेल ने श्रीलंका की बल्लेबाजी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
अब सवाल यह है कि क्या सुथार कोलंबो में भी वही कमाल दोहरा पाएंगे? श्रीलंका के बल्लेबाज निश्चित तौर पर उनके खिलाफ अलग रणनीति के साथ उतरेंगे।
ऐसे में सुथार के लिए असली परीक्षा अपनी पहली सफलता को लगातार प्रदर्शन में बदलने की होगी।
जडेजा और तेज गेंदबाजों की भूमिका भी अहम
रवींद्र जडेजा ने गॉल में गेंद और बल्ले दोनों से योगदान दिया।
कोलंबो में अगर पिच स्पिनरों की मदद करती है तो जडेजा और सुथार की जोड़ी श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
वहीं मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा से नई गेंद के साथ शुरुआती सफलता दिलाने की उम्मीद होगी।
टेस्ट मैच के शुरुआती सत्र में विकेट हासिल करना भारत को मैच पर नियंत्रण दिला सकता है।
श्रीलंका के सामने करो या मरो की स्थिति
दूसरी तरफ श्रीलंका के लिए यह मुकाबला सीरीज बचाने का आखिरी मौका है।
पहला टेस्ट 165 रन से गंवाने के बाद मेजबान टीम पर दबाव होगा।
हालांकि घरेलू परिस्थितियां उसे वापसी का मौका दे सकती हैं।
भारत के लिए चुनौती यह होगी कि वह पहले टेस्ट की जीत के बाद ढिलाई न बरते।
क्लीन स्वीप से आगे की बड़ी तस्वीर
भारत के लिए यह मुकाबला सिर्फ श्रीलंका के खिलाफ सीरीज जीतने का नहीं है।
WTC के लंबे सफर में हर जीत की कीमत है।
गॉल की जीत ने भारत को 53.33 प्रतिशत तक पहुंचाया और अब कोलंबो की जीत टीम को 57.58 प्रतिशत तक ले जा सकती है।
यानी टीम इंडिया के सामने तस्वीर साफ है।
कोलंबो में जीत, श्रीलंका का क्लीन स्वीप और WTC की रेस में एक और मजबूत कदम।
पहले टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल और मानव सुथार जैसे युवा ने अपनी छाप छोड़ी थी।
अब दूसरे टेस्ट में नजरें शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत, केएल राहुल और रवींद्र जाडेजा पर होंगी।
