एशियन गेम्स 2026: नागोया में रंगारंग आगाज, आखिरी वक्त बदला भारत का ध्वजवाहक

Asian Games 2026: जापान के आइची-नागोया में 20वें एशियन गेम्स का शनिवार को रंगारंग और भव्य उद्घाटन समारोह के साथ आगाज हो गया।

पालोमा मिजुहो स्टेडियम में आयोजित समारोह में जापान के सम्राट नारुहितो ने खेलों के आधिकारिक शुभारंभ की घोषणा की।

भारतीय दल ने भी पूरे जोश के साथ मार्चपास्ट में हिस्सा लिया।

हालांकि, उद्घाटन समारोह से ठीक पहले भारत के ध्वजवाहक को लेकर बड़ा बदलाव करना पड़ा।

शॉट पुट स्टार तजिंदरपाल सिंह तूर की जगह कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत को पुरुष ध्वजवाहक बनाया गया।

पवन सहरावत ने दो बार की ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर के साथ भारतीय दल का नेतृत्व किया।

किट नहीं पहुंची, बदलना पड़ा ध्वजवाहक

तजिंदरपाल सिंह तूर को पहले मनु भाकर के साथ भारतीय दल का ध्वजवाहक बनाया गया था।

लेकिन उनकी आधिकारिक सेरेमोनियल किट समय पर नागोया नहीं पहुंच सकी।

तूर ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि किट दोपहर करीब 3 बजे नागोया एयरपोर्ट पहुंचेगी, लेकिन वहां से किट लेकर समय पर उद्घाटन समारोह स्थल पहुंचना मुश्किल था।

इसी कारण उन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को समारोह में शामिल नहीं होने की जानकारी दी।

तूर ने यह भी बताया कि उनकी सेरेमोनियल किट भारत में ही रह गई थी।

हालांकि, इसका असर उनके एथलेटिक्स इवेंट पर नहीं पड़ेगा और वह एशियन गेम्स में शॉट पुट स्पर्धा में हिस्सा लेंगे।

पवन सहरावत के लिए बेहद खास पल

अचानक मिली जिम्मेदारी के बावजूद पवन सहरावत ने इसे गर्व का क्षण बताया।

30 वर्षीय कबड्डी स्टार 2022 एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का हिस्सा रहे थे और अब नागोया में उन्होंने तिरंगे के साथ भारतीय दल का नेतृत्व किया।

पवन ने बताया कि ध्वजवाहक बनाए जाने की खबर मिलने के बाद वह रातभर सो नहीं पाए।

इसके बावजूद उन्होंने कहा कि देश का झंडा हाथ में लेकर चलने का मौका उनके लिए बेहद गर्व की बात है।

मनु भाकर के साथ दिखा नया भारतीय नेतृत्व

पवन सहरावत के साथ मनु भाकर ने महिला ध्वजवाहक की जिम्मेदारी संभाली।

पेरिस ओलंपिक 2024 में दो कांस्य पदक जीतने वाली मनु अब एशियन गेम्स के इस बड़े मंच पर भारतीय दल का नेतृत्व करती नजर आईं।

नागोया में शुरू हुए इन खेलों में भारत का लक्ष्य 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स के प्रदर्शन को आगे बढ़ाना है।

हांगझोउ में भारत ने 106 पदक जीते थे, जिसमें 28 स्वर्ण शामिल थे।