Vedtimes.com | खेल डेस्क
Indian women’s hockey: एशियन गेम्स नागोया में भारतीय महिला हॉकी टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है।
भारत ने सेमीफाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरिया को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली है।
इस जीत के साथ भारतीय टीम ने 2018 के बाद पहली बार एशियन गेम्स के महिला हॉकी फाइनल में प्रवेश किया है।
भारत की इस ऐतिहासिक जीत में झारखंड की बेटी और भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे ने अहम भूमिका निभाई।
सलीमा टेटे के साथ इशिका ने भी भारत के लिए 1-1 गोल किया।
दोनों के गोल की बदौलत भारत ने दक्षिण कोरिया पर 2-0 की बढ़त हासिल की और अंत तक इसे कायम रखते हुए फाइनल का टिकट पक्का किया।
सेमीफाइनल में जीत के साथ अब भारतीय महिला हॉकी टीम के पास एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने का सुनहरा मौका है।
भारत ने महिला हॉकी में आखिरी बार 1982 में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
ऐसे में 2026 में टीम के सामने करीब चार दशक से अधिक लंबे स्वर्ण पदक के इंतजार को खत्म करने का अवसर है।
इतिहास रचने की दहलीज पर टीम इंडिया
भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला केवल पदक की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि आगामी ओलंपिक के लिए क्वालीफिकेशन के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है।
एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम को ओलंपिक क्वालीफिकेशन में महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा।
फाइनल में अब भारतीय महिला हॉकी टीम की नजर स्वर्ण पदक और इतिहास रचने पर होगी।
कप्तान सलीमा टेटे के नेतृत्व में टीम जिस आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है, उससे भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।
झारखंड के लिए भी यह गर्व का क्षण है, क्योंकि सलीमा टेटे की अगुआई में भारतीय महिला हॉकी टीम एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंची है।
अब पूरे देश की नजर फाइनल मुकाबले पर होगी, जहां भारत स्वर्ण पदक के लिए मैदान पर उतरेगा।
