Sarhul Festival: झारखंड की पहचान जल, जंगल और ज़मीन से होती है। साथ ही आदिवासियों की समृद्ध संस्कृति और परंपरा यहां की पहचान है। आदिवासियों की परंपराओं में एक है सरहुल का त्यौहार।
प्रकृति पर्व सरहुल। नाम से ही स्पष्ट है कि ये एक ऐसा त्यौहार है जिसमें प्रकृति की पूजा होती है। लेकिन पूजा के अलावा भी इस त्यौहार का अलग विशेष महत्व है। आइये जानते हैं सरहुल के बारे में।
सरहुल का अर्थ
इस पर्व में दो शब्द छिपे हैं। पहला सर और दूसरा हुल। सर का अर्थ होता है सखुआ या सरई का फूल। जबकि हुल का मतलब होता है बदलाव, परिवर्तन या क्रांति। इस पर्व को सखुआ फूलों के खिलने की शुरूआत या एक परिवर्तन के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
सरहुल के कई नाम
सरहुल पर्व के कई नाम हैं। वैसे तो सबसे मशहुर सरहुल पर्व ही है, लेकिन अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों में इसे अन्य नामों से भी पुकारा जाता है। संथाली, हो और मुंडारी भाषा में इसे ‘बरहा पोरोब’ कहा जाता है। खड़िया भाषा में इसे जांकोर, कुडुख भाषा में खेखेल बेजा कहा जाता है।
नागपुरी, पंचपरगनिया, खोरठा और कुरमाली भाषा में यह त्यौहार सरहुल के नाम से जाना जाता है।
यह त्यौहार प्रकृति के प्रति आभार और सम्मान को दर्शाता है। इस दिन से आदिवासी नववर्ष की शुरूआत मानी जाती है। आदिवासी घरों में इस दिन खाने-पीने की विशेष तैयारी होती है। गुड़, पिठ्ठा, गुलगुला, ढुसका जैसे पकवान बनाकर खुशियां बांटी जाती है।
मछली और केकड़े का क्या होता है महत्व
इस त्यौहार में मछली और केकड़ा पकड़ने की परंपरा रही है। मान्यता है कि ये जीव पृथ्वी के पूर्वज हैं। एक जनजातीय लोककथा के अनुसार मछली और केकड़े ने समुद्र की गहराई से मिट्टी निकालकर पृथ्वी का निर्माण करने में मदद की थी।
इस दौरान पकड़े हुए केकड़ों को घर में बांधकर रखा जाता है। केकड़ों के सूख जाने के बाद उसका चूर्ण बनाकर धान के बीच या गोबर में मिलाया जाता है और फिर खेतों में उसे छिड़क दिया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इससे फसल अच्छी होती है।

पाहन करते हैं बारिश की भविष्यवाणी
इस त्यौहार में पाहन मिट्टी के बर्तन में ताजा पानी भर देते हैं। अगले दिन बर्तन में पानी की स्थिति देखकर पाहन बारिश की भविष्यवाणी करते हैं। इसके अलावा अलग-अलग देवताओं के नाम पर पशुओं या मुर्गों की बलि भी दी जाती है।
इस दिन जनजातीय महिला, पुरूष और बच्चे पारंपरिक पोशाक पहनते हैं। इसके बाद शोभा यात्रा की शक्ल में पारंपरिक नृत्य का आनंद उठाते हैं।
