Chess Olympiad in Samarkand: चेस ओलंपियाड में खिताब बचाने के इरादे से समरकंद पहुंची भारतीय शतरंज टीम को टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा।
दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम को होटल पहुंचने के बाद कमरों के लिए कई घंटे इंतजार करना पड़ा।
भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमें 2024 चेस ओलंपियाड की चैंपियन हैं और इस बार भी खिताब की रक्षा के लिए मैदान में उतर रही हैं।
लेकिन मंगलवार को समरकंद पहुंचने के बाद खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था को लेकर परेशानी खड़ी हो गई।
पांच घंटे तक लॉबी में बैठे रहे खिलाड़ी
जानकारी के मुताबिक, टीम के पहुंचने के करीब पांच घंटे बाद तक कई खिलाड़ियों को होटल के कमरे आवंटित नहीं किए गए थे।
भारतीय पुरुष टीम के नॉन-प्लेइंग कप्तान ग्रैंडमास्टर श्रीनाथ नारायणन ने सोशल मीडिया पर इस स्थिति पर निराशा जाहिर की।
ग्रैंडमास्टर विदित गुजराती ने भी इसे समरकंद ओलंपियाड का बहुत खराब अनुभव बताया।
जानकारी के मुताबिक शुरुआती परेशानी की वजह होटल रिजर्वेशन को लेकर स्थानीय आयोजन समिति और होटल के बीच समन्वय की समस्या बताई गई। बाद में ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (AICF) ने हस्तक्षेप किया और खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित की।
दिलचस्प बात यह है कि परेशानी सिर्फ भारतीय टीम तक सीमित नहीं रही। ऑस्ट्रिया और वेल्स के खिलाड़ियों ने भी होटल और कमरों से जुड़ी दिक्कतों की शिकायत की।
इससे संकेत मिलता है कि आयोजन के शुरुआती चरण में आवास व्यवस्था को लेकर व्यापक समन्वय संबंधी समस्याएं सामने आईं।
भारतीय टीम में विश्व चैंपियन डी. गुकेश, आर. प्रज्ञानानंदा, अर्जुन एरिगैसी, निहाल सरीन और विदित गुजराती जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
महिला टीम में कोनेरू हम्पी, आर. वैशाली, दिव्या देशमुख और वंतिका अग्रवाल जैसी खिलाड़ी हैं।
अब असली चुनौती यह है कि शुरुआती अव्यवस्था को पीछे छोड़ भारतीय खिलाड़ी बोर्ड पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर पाते हैं या नहीं।
चेस ओलंपियाड आज से 27 सितंबर तक समरकंद में आयोजित हो रहा है।
