Peace committee meeting in Seraikela-Kharsawan: आगामी त्यौहारों को देखते हुए सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान एसपी मुकेश लुनायत भी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान ईद-उल-फितर, सरहुल, रामनवमी, चैत्र नवरात्र और चैती छठ के अवसर पर विधि-व्यवस्था के सुचारू रखने पर चर्चा की गयी।
बैठक की शुरुआत में विभिन्न क्षेत्रों से उपस्थित केंद्रीय शांति समिति के सदस्यों एवं अखाड़ा समितियों के प्रतिनिधियों से आगामी पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के संबंध में सुझाव आमंत्रित किए गए। प्राप्त सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया।
शांति समिति के सदस्यों की मांग
केंद्रीय शांति समिति के सदस्यों ने चैती छठ एवं रामनवमी के मद्देनजर नदियों एवं घाटों की साफ-सफाई, आवश्यकतानुसार जल उपलब्धता सुनिश्चित करने, घाटों पर समुचित प्रकाश व्यवस्था, सड़कों एवं नालियों की सफाई, मुख्य चौक-चौराहों पर स्ट्रीट लाइटों के रख-रखाव, विद्युत खंभों पर झूलते तारों को दुरुस्त करने, जुलूस एवं शोभायात्राओं में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, निर्धारित मार्गों पर यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा जुलूस मार्ग में स्थित मांस एवं मछली की दुकानों को दो दिनों तक बंद रखने सहित विभिन्न बिंदुओं पर अपने सुझाव दिए।
उपायुक्त का पदाधिकारियों को निर्देश
उपायुक्त ने सुझावों के आलोक में संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जुलूस मार्गों में अवैध वाहन पार्किंग, ठेला-खोमचा एवं अन्य अवरोधों को हटाने तथा नगर निकाय क्षेत्रों के मुख्य चौक-चौराहों एवं नालियों की समुचित सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा उपायुक्त ने दोनों अनुमंडल पदाधिकारियों को डीजे संचालकों के साथ बैठक आयोजित कर निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार के भड़काऊ अथवा आपत्तिजनक गीतों के प्रसारण पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने निर्देश दिया कि जिन नदियों में जल की अधिकता या संवेदनशीलता है, वहां सुरक्षा की दृष्टि से बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए तथा निर्धारित दूरी पर गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने पुलिस पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं व्हाट्सएप समूहों पर निगरानी रखी जाए तथा किसी भी प्रकार के भ्रामक, भड़काऊ अथवा सौहार्द बिगाड़ने वाले पोस्ट करने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
