Former Jharkhand minister Yogendra Sao: झारखंड में केरेडारी इन दिनों खासा चर्चा में है। यहां कोल परियोजना के तहत ज़मीन अधिग्रहित की गयी है। लेकिन यहां पर हो रही राजनीति से कोल कंपनी के साथ सरकार को भी दो-चार होना पड़ रहा है।
ज़मीन अधिग्रहण का विरोध और पुनर्वास के साथ बेहतर मुआवजे की मांग को लेकर लगातार आंदोलन चल रहा है। ऐसे में अधिग्रहित ज़मीन में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का घर प्रसासन ने तोड़ दिया।
घर पर बुलडोजर चलने के झटके से अभी पूर्व मंत्री उबर भी नहीं पाये कि झारखंड कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से भी निष्कासित कर दिया।
इस घटना के बाद से झारखंड की सियासत गरम हो गयी है।
घटना हज़ारीबाग के केरेडारी प्रखंड की है। यहां के जोरदाग में पूर्व मंत्री का आवास था। प्रशासन के मुताबिक यह ज़मीन परियोजना के कार्य क्षेत्र में शामिल थी।
परियोजना से जुड़े अधिकारी इस ज़मीन और घर का मुआवज़ा देने की लगातार कोशिश कर रहे थे, लेकिन पूर्व मंत्री ने मुआवज़ा लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद यह मुआवजा सरकारी कोष में जमा करा दिया गया था।
प्रशासन का मानना है कि यह पूरी प्रक्रिया नियमों के दायरे में की गयी है।
अंबा प्रसाद ने कार्रवाई का किया विरोध
इधर इस कार्रवाई का विरोध करते हुए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की पुत्री और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने कहा कि घर तोड़ने से पहले उन्हें किसी तरह की नोटिस या सूचना नहीं दी गयी। उन्होंने अदालत का रूख करने की बात कही है।
इधर झारखंड कांग्रेस ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए सख्त कदम उठाया और उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 3 साल के लिए निष्कासित कर दिया।
बिना पूर्व सूचना के पार्टी से निकाला
पार्टी की ओर से निष्कासन पत्र में पूर्व मंत्री को लिखा गया है कि “आप लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से वर्तमान गठबंधन सरकार और उसके मुखिया मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करते रहे हैं। आपने लाइव वीडियो के माध्यम से सरकार के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया है। वर्तमान गठबंधन की सरकार में कांग्रेस पार्टी भी शामिल है। आपके इस कृत्य से जहां एक ओर गठबंधन में असहजता उत्पन्न हुई है, वहीं कांग्रेस पार्टी की छवि धूमिल हुई है।”
योगेंद्र साव के निष्कासन की इस प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। अनुशासनहीनता मामले में आमतौर पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाता है। लेकिन यहां बिना किसी नोटिस के सीधे कार्रवाई की गयी है।
