ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर झारखंड में भी आंदोलन की तैयारी, कई संगठनों ने जताई एकजुटता

Vedtimes.com | झारखंड डेस्क

Preparations for protests in Jharkhand: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नई दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन के समर्थन में झारखंड के कई छात्र, महिला और सामाजिक संगठनों ने एकजुटता जताई है।

रांची प्रेस क्लब में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में Cockroach Janata Party (CJP), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF), अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (AIPWA) और झारखंड जनाधिकार महासभा के प्रतिनिधियों ने आंदोलन के समर्थन की घोषणा की।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के आह्वान पर आयोजित ‘लहरा दो तिरंगा’ अभियान का भी समर्थन किया गया।

वक्ताओं ने निर्वाचन आयोग की जवाबदेही, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), पुलिस कार्रवाई और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार पर जताई चिंता

CJP की सदस्य कायनात अंजुम ने नई दिल्ली में प्रदर्शन स्थल बदले जाने, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार पर सवाल उठाए।

उन्होंने पुलिस कार्रवाई और महिलाओं के विरुद्ध कथित हिंसा की आलोचना करते हुए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन तथा असहमति व्यक्त करने के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया।

AISF के रांची जिला अध्यक्ष एहतेशाम प्रवीण ने भी महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट और देश के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से जुड़ी घटनाओं का उल्लेख किया।

उन्होंने इन मामलों को गंभीरता से लेने की जरूरत बताई।

झारखंड में संयुक्त विरोध प्रदर्शन की तैयारी

AISA की झारखंड राज्य सह सचिव संजना मेहता ने कहा कि आने वाले दिनों में विभिन्न संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर झारखंड में संयुक्त विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की तैयारी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस पहल के जरिए छात्र-युवाओं और आम लोगों को निर्वाचन आयोग की जवाबदेही, मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया, पुलिस कार्रवाई और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों पर एकजुट करने का प्रयास किया जाएगा।

SIR और निर्वाचन आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल

प्रवीर पीटर ने नई दिल्ली में पुलिस कार्रवाई के दौरान अपने अनुभव साझा किए और मौजूदा परिस्थितियों को ‘अघोषित आपातकाल’ करार दिया।

उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की आलोचना की।

साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहा है।

मेलबर्न में भी मुद्दा उठाने की बात

कायनात अंजुम ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में रह रहे CJP झारखंड के संस्थापक यशवीर सिंह भी SIR और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे।

उन्होंने मेलबर्न स्थित विक्टोरिया संसद के बाहर प्रस्तावित प्रदर्शन का भी उल्लेख किया।

कई संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP की रांची नेता सृष्टि एक्का और कायनात अंजुम, AISA की झारखंड राज्य सह सचिव संजना मेहता, AISF के रांची जिला अध्यक्ष एहतेशाम प्रवीण, AIPWA की राज्य संयोजक नंदिता भट्टाचार्य तथा झारखंड जनाधिकार महासभा के कार्यकर्ता और भारत जोड़ो अभियान के राज्य संयोजक प्रवीर पीटर शामिल हुए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए संगठनों ने स्पष्ट किया कि वे निर्वाचन आयोग की जवाबदेही, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी संयुक्त रूप से आवाज उठाने की दिशा में काम करेंगे।

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