Ranchi Grand Annual Festivals: रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के दिशा-निर्देश पर बुधवार को रांची जिले के लगभग सभी 2,000 से अधिक सरकारी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 का सत्रांत वार्षिकोत्सव बड़े उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया।
2 लाख से अधिक बच्चों ने की शिरकत
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें जिले भर के 2 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कुल 30,000 से भी अधिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का मंचन हुआ, जिसमें नृत्य, गायन, नाटक, कविता पाठ और अन्य कलात्मक कार्यक्रम शामिल रहे।
सभी विद्यालयों में स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के सदस्यों, अभिभावकों, शिक्षकों और छात्रों की भारी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के विभिन्न पदाधिकारियों तथा माननीय जनप्रतिनिधियों ने अतिथि के रूप में शिरकत की और छात्रों के प्रदर्शन की सराहना की।
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री भी हुए शामिल
रांची के उपायुक्त कांके रोड़ स्थित राजकीय कृत मध्य विद्यालय में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “पूर्व में केवल निजी विद्यालयों में ही एनुअल डे या वार्षिकोत्सव मनाने की परंपरा थी।
लेकिन सरकारी विद्यालयों के छात्रों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। इन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक उचित मंच उपलब्ध कराने की आवश्यकता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।”
छात्रों की निरंतरता पर ज़ोर
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से छात्र नियमित रूप से विद्यालय आएंगे और ड्रॉप-आउट की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। उन्होंने छात्रों द्वारा प्रस्तुत सभी कार्यक्रमों की भरपूर प्रशंसा करते हुए उन्हें “उत्कृष्ट” बताया।
अभिभावकों का अभिनंदन करते हुए उन्होंने अपील की कि वे अपने बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय भेजें और उनकी पढ़ाई पर निरंतर ध्यान दें।
उपायुक्त ने राज्य सरकार की शिक्षा संबंधी विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा, “झारखंड सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नई-नई योजनाएं ला रही है। हमारा मुख्य उद्देश्य सभी बच्चों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र भी किसी से कम नहीं हैं।”
कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य
इस नई पहल के माध्यम से जिला प्रशासन कई लक्ष्यों को प्राप्त करना चाहता है-
- सरकारी विद्यालयों के प्रति समाज और अभिभावकों में विश्वास बढ़ाना
- ड्रॉप-आउट दर को शून्य के करीब लाना
- सरकारी विद्यालयों में पढ़ने के फायदों के बारे में जन-जागरूकता बढ़ाना
- छात्रों के शारीरिक, मानसिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक चौमुखी विकास को प्रोत्साहित करना
