वेदटाइम्स.कॉम | खेल डेस्क चिन्मय ने 517 गेंदों पर नाबाद 400 रन बनाकर रचा इतिहास महाराष्ट्र ने झारखंड के खिलाफ बनाई 234 रनों की बढ़त बड़ौदा के खिलाफ बिहार भी पिछड़ा
Ranji Trophy: रणजी ट्रॉफी में सोमवार का दिन ऐतिहासिक बल्लेबाजी और कई रोमांचक मुकाबलों के नाम रहा।
मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने नागालैंड के खिलाफ नाबाद 400 रनों की अविश्वसनीय पारी खेलकर भारतीय घरेलू क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया।
दूसरी ओर, झारखंड और बिहार की टीमों के लिए मुकाबले की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
महाराष्ट्र ने झारखंड के खिलाफ पहली पारी में मजबूत बढ़त हासिल कर ली, जबकि बड़ौदा के बड़े स्कोर के सामने बिहार को वापसी की जरूरत है।
चिन्मय सुतार का ऐतिहासिक चौहरा शतक
मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने नागालैंड के खिलाफ 517 गेंदों पर नाबाद 400 रन बनाकर रणजी ट्रॉफी के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।
वह इस प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट में 400 रनों का आंकड़ा छूने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं।
सुतार ने अपनी मैराथन पारी में 46 चौके और 7 छक्के लगाए।
उनकी इस पारी की बदौलत मिजोरम ने पहली पारी में नौ विकेट पर 581 रन बनाकर पारी घोषित की।
रणजी ट्रॉफी में इससे पहले 1948-49 के सत्र में महाराष्ट्र के बी.बी. निंबालकर ने काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे।
लगभग 78 साल बाद सुतार ने एक बार फिर चौहरे शतक का कारनामा कर क्रिकेट प्रेमियों को रोमांचित कर दिया।
हालांकि, निंबालकर का सर्वाधिक 443 रनों का रिकॉर्ड अभी भी कायम है।
सुतार की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपने करियर के शुरुआती फर्स्ट-क्लास मुकाबलों में ही इतनी बड़ी पारी खेली है।
उनकी बल्लेबाजी ने मिजोरम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और रणजी ट्रॉफी के इस दौर की सबसे चर्चित खबर बन गई।
झारखंड बनाम महाराष्ट्र: मेजबान टीम मजबूत
झारखंड और महाराष्ट्र के बीच पुणे में खेले जा रहे एलीट ग्रुप सी के मुकाबले में महाराष्ट्र ने झारखंड के पहली पारी के 169 रनों के जवाब में शानदार बल्लेबाजी की।
सोमवार के खेल के बाद महाराष्ट्र का स्कोर पांच विकेट पर 403 रन पहुंच गया।
इस तरह टीम ने झारखंड पर पहली पारी में 234 रनों की बढ़त बना ली है।
महाराष्ट्र की ओर से दिग्विजय पाटिल ने 148 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि अंकित बावने ने भी शतक लगाकर टीम की स्थिति मजबूत की।
दोनों बल्लेबाजों के प्रदर्शन ने झारखंड के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा दिया।
झारखंड के लिए अब मुकाबले में वापसी करना आसान नहीं होगा।
टीम को महाराष्ट्र की पारी जल्द समेटने के साथ दूसरी पारी में मजबूत बल्लेबाजी करनी होगी।
मैच में आगे का खेल इस बात पर निर्भर करेगा कि झारखंड के गेंदबाज कितनी जल्दी विकेट निकाल पाते हैं और बल्लेबाज दबाव में कैसा प्रदर्शन करते हैं।
बिहार बनाम बड़ौदा: पहली पारी में 250 रनों की बढ़त
बड़ौदा और बिहार के बीच एलीट ग्रुप ए के मुकाबले में भी बिहार की टीम पिछड़ती नजर आई।
बिहार की पहली पारी 166 रनों पर सिमट गई थी।
इसके जवाब में बड़ौदा ने पहली पारी में 416 रन बनाकर मजबूत बढ़त हासिल की।
बड़ौदा की ओर से प्रियांशु मोलिया ने 132 रनों की शानदार पारी खेली।
दीपक हुड्डा ने 70 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया।
दोनों बल्लेबाजों के योगदान से बड़ौदा 400 रनों के पार पहुंचने में सफल रहा।
बिहार के लिए अमोद यादव ने गेंदबाजी में 5 विकेट हासिल किए, लेकिन बड़ौदा को बड़ा स्कोर बनाने से रोकने के लिए यह प्रयास काफी नहीं रहा।
पहली पारी के आधार पर बड़ौदा को 250 रनों की बढ़त मिली।
जवाब में बिहार ने दूसरी पारी की शुरुआत करते हुए बिना विकेट खोए चार रन बना लिए थे।
दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक बिहार कुल चार रन पर था और पहली पारी के आधार पर अब भी 246 रन पीछे था।
बिहार के बल्लेबाजों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती विकेट बचाते हुए लंबी साझेदारियां बनाने की होगी।
टीम को मुकाबले में वापसी करने के लिए धैर्य और जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करनी होगी।
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