Vedtimes.com | स्पोर्ट्स डेस्क
Satwik and Chirag also out of Denmark Open: डेनमार्क ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों का निराशाजनक प्रदर्शन जारी है।
गुरूवार को भारतीय पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को पहले दौर में हार का सामना करना पड़ा।
इसके साथ ही टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती को एक और बड़ा झटका लगा है।
इससे पहले पीवी सिंधु, लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी और उन्नति हुड्डा को भी हार का सामना करना पड़ा था।
तीन गेम तक चला सात्विक-चिराग का मुकाबला
भारतीय बैडमिंटन की मजबूत पुरुष युगल जोड़ियों में शामिल सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को चीन के हे जी तिंग और रेन शियांग यू ने कड़े मुकाबले में शिकस्त दी।
चीनी जोड़ी ने यह मुकाबला 12-21, 21-15, 21-19 से अपने नाम किया।
मैच की शुरुआत में सात्विक-चिराग ने शानदार खेल दिखाते हुए पहला गेम 21-12 से जीत लिया।
हालांकि, चीनी जोड़ी ने दूसरे गेम में वापसी की और 21-15 से जीत दर्ज कर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।
तीसरे गेम में दोनों जोड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली।
लेकिन निर्णायक क्षणों में चीनी खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 21-19 से गेम जीत लिया।
इस हार के साथ सात्विक-चिराग का डेनमार्क ओपन में सफर पहले दौर में ही समाप्त हो गया।
सिंधु और लक्ष्य सेन भी हुए बाहर
भारत की स्टार महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु भी पहले दौर में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं।
उन्हें जर्मनी की यवोन ली ने तीन गेम तक चले मुकाबले में 21-13, 23-25, 21-19 से हराया।
पुरुष एकल में लक्ष्य सेन को भी शुरुआती दौर में हार का सामना करना पड़ा।
वहीं, युवा भारतीय खिलाड़ी आयुष शेट्टी और उन्नति हुड्डा भी अपने मुकाबले जीतने में नाकाम रहे।
लगातार प्रमुख खिलाड़ियों के बाहर होने से टूर्नामेंट में भारतीय दल की उम्मीदों को झटका लगा है।
खासकर सात्विक-चिराग की हार निराशाजनक रही, क्योंकि यह जोड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रमुख पुरुष युगल जोड़ियों में गिनी जाती है।
श्रीकांत और तन्वी शर्मा से उम्मीदें
भारतीय खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन के बीच किदांबी श्रीकांत ने पुरुष एकल में दूसरे दौर में जगह बनाकर उम्मीदें कायम रखी हैं।
महिला एकल में युवा खिलाड़ी तन्वी शर्मा ने भी अगले दौर में प्रवेश किया है।
अब भारतीय प्रशंसकों की नजरें इन खिलाड़ियों के आगामी मुकाबलों पर होंगी।
श्रीकांत और तन्वी के लिए अगले दौर में बेहतर प्रदर्शन करना महत्वपूर्ण होगा, ताकि डेनमार्क ओपन में भारत की चुनौती बनी रहे।
भारतीय बैडमिंटन के लिए अहम परीक्षा
डेनमार्क ओपन विश्व बैडमिंटन कैलेंडर के प्रमुख टूर्नामेंटों में शामिल है।
सुपर 750 स्तर की प्रतियोगिता में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है।
भारतीय खिलाड़ियों के शुरुआती दौर में बाहर होने से प्रदर्शन में निरंतरता और निर्णायक क्षणों में बेहतर खेल दिखाने की जरूरत एक बार फिर सामने आई है।
हालांकि, टूर्नामेंट में अभी भारतीय चुनौती पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
किदांबी श्रीकांत और तन्वी शर्मा जैसे खिलाड़ियों से आगे के दौर में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद बनी हुई है।
