कॉमनवेल्थ गेम्स की आज से शुरूआत, भारत के 125 खिलाड़ी पदक के लिए दिखायेंगे अपना दम, इन खिलाड़ियों से रहेगी मेडल की आस

The Commonwealth Games begin today: स्कॉटलैंड में दुनियाभर के 3000 से ज़्यादा खिलाड़ी जुट चुके हैं।

आज से कॉमनवेल्थ गेम्स में इन खिलाड़ियों के बीच पदक जीतने की होड़ मचेगी।

इस बार की प्रतियोगिता में कुल 10 खेलों की प्रतिस्पर्धा होगी जिसमें 1168 मेडल्स दिये जायेंगे।

भारत के 125 खिलाड़ी 8 खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।

इस बार के खेल में वे खेल शामिल नहीं हैं जिनमें भारत ने पिछली बार सबसे ज़्यादा पदक जीते थे।

क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, शूटिंग, टेबल टेनिस, स्क्वैश और कुश्ती जैसे खेल इस बार गेम्स का हिस्सा नहीं हैं।

भारत को इन खिलाडियों से पदक की उम्मीदें

इस कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को कुछ ही खेलों में पदक की उम्मीद रहेगी।

भाला फेंक में नीरज चोपड़ा से गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीद रहेगी।

उसके अलावा एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग और मुक्केबाजी में भारत पदक की उम्मीद कर सकता है।

लॉंग जंप में मुरली श्रीशंकर, ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रवेल और रेसर गुलवीर सिंह से भारत पदक की उम्मीद कर सकता है।

वेट लिफ्टिंग की स्टार खिलाड़ी मीराबाई चानू पर सबकी नज़रें रहेंगी।

ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई के अलावा बिंद्यारानी देवी और ज्ञानेश्वरी यादव से भी पदक की उम्मीद की जा रही है।

ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और वर्ल्ड चैंपियन जैस्मीन लांबोरिया से मुक्केबाजी में भारत को पदक की उम्मीद रहेगी।

साक्षी चौधरी और प्रीति पवार भी पदक के लिए दावेदारों की सूची में उपर हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रदर्शन

कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार भारत ने 1934 में हिस्सा लिया था।

इसमें कुश्ती में भारतीय पहलवान राशिद अनवर ने फ्री-स्टाइल कुश्ती में कांस्य पदक जीतकर देश को कॉमनवेल्थ गेम्स में पहला पदक दिलाया था।

भारत ने अब तक कॉमनवेल्थ गेम्स में 564 पदक जीते हैं।

इनमें 203 स्वर्ण पदक, 189 रजत पदक और 172 कांस्य पदक शामिल हैं।

इस बार के कम खेलों के कारण भारतीय टीम की उम्मीदें धुमिल ज़रूर हुईं लेकिन बाकी के खेलों में पदक जीतने के लिए हौसले बुलंद हैं।