Nasa Artemis II Mission: नासा ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 4 इंसानों को चांद के पास भेजा है। ये 4 अंतरिक्ष यात्री चांद के बेहद नज़दीक से उसके चारों तरफ चक्कर लगायेंगे।
10 दिनों के इस मिशन का नाम आर्टेमिस-2 (Artemis II) रखा गया है।
आर्टेमिस-2 मिशन की खास बातें
54 सालों के बाद इंसान को चांद के नज़दीक भेजा गया है।
मिशन में 4 अंतरिक्ष यात्री रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन शामिल हैं।
1972 के अपोलो-17 मिशन के बाद यह पहला मौका है जब इंसान चांद के नज़दीक जा रहे हैं।
आर्टेमिस-3 के लिए रास्ता तैयार होगा, जिसमें चांद के दक्षिणी ध्रुव पर इंसानों को उतारने की तैयारी है।
मंगल ग्रह पर मानव मिशनों के लिए भी रास्ता तैयार होगा।
भारतीय समयानुसार गुरूवार की सुबह 3 बजकर 54 मिनट पर मिशन लॉन्च हुआ..
10 दिनों में लौटेगा यान
इंटीग्रिटी नामक ओरियन अंतरिक्ष यान में सवार होकर चारों अंतरिक्ष यात्री चांद के चारों और परिक्रमा करेंगे।
लगभग 10 दिनों बाद यानी 12 अप्रैल को ये सभी धरती पर वापस लौटेंगे।
बेहद खास है आर्टेमिस-2 मिशन
पृथ्वी से सबसे ज़्यादा दूरी तय करने का नया रिकॉर्ड बनेगा।
इमरजेंसी प्रक्रिया, रेडिएशन से सुरक्षा और लेजर आधारित एडवांस कम्युनिकेशन तकनीक का परीक्षण होगा।
भविष्य में चांद और मंगल पर मानव मिशन की नींव रखी जायेगी।
नासा ने अनुभवी अंतरिक्ष यात्रियों को इस मिशन में भेजा है।
मिशन की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें कैनेडियन स्पेस एजेंसी के जेरेमी हैनसेन चांद के पास जाने वाले पहले गैर अमेरिकी नागरिक होंगे।
विक्टर ग्लोवर चांद के पास जाने वाले पहले अश्वेत अंतरिक्ष यात्री बनेंगे।
वे पहले भी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में जा चुके हैं। साथ ही स्पेस एक्स के ड्रैगन कैप्सूल को पायलट करने वाले पहले व्यक्ति भी रहे हैं।
इस मिशन में वे ओरियन कैप्सूल को कुछ देर के लिए मैन्युअल तरीके से भी कंट्रोल करेंगे।
क्रिस्टीन कोच पहली महिला होंगी जो लो अर्थ ऑर्बिट से आगे जाकर चांद के पास तक जायेंगी।
इससे पहले वे स्पेस स्टेशन पर 328 दिन लगातार रहने का रिकॉर्ड भी बना चुकी हैं।
