कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: पांचवें दिन भारत ने जीते कई पदक, शर्मिला का स्वर्ण चमका, वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स में भी शानदार प्रदर्शन

Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पांचवें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की पदक तालिका में कई महत्वपूर्ण पदक जोड़े।

पैरा एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया।

पैरा एथलेटिक्स में शर्मिला ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया, जबकि वेटलिफ्टिंग में वल्लूरी अजय बाबू और ज्ञानेश्वरी यादव ने रजत पदक अपने नाम किए।

बिंदियारानी देवी ने कांस्य पदक जीतकर भारत की झोली में एक और पदक डाला।

हालांकि, कुछ भारतीय खिलाड़ी बेहद करीबी मुकाबलों में पदक जीतने से चूक गए।

जिम्नास्टिक्स, तैराकी, एथलेटिक्स और व्हीलचेयर बास्केटबॉल में भारतीय खिलाड़ियों को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।

इसके बावजूद छठे दिन भारत के सामने कई और पदक जीतने के अवसर होंगे।

शर्मिला ने पैरा एथलेटिक्स में जीता स्वर्ण

पैरा एथलेटिक्स की शॉट पुट स्पर्धा में भारत की शर्मिला धनखड़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

उन्होंने अपनी ताकत, तकनीक और निरंतरता का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।

शर्मिला की इस उपलब्धि ने भारतीय दल को बड़ी खुशी दी।

पैरा खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है और शर्मिला का स्वर्ण पदक इस सफलता को और मजबूत करता है।

उनके प्रदर्शन ने यह भी साबित किया कि भारतीय पैरा एथलीट अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की क्षमता रखते हैं।

वेटलिफ्टिंग में भारत का दम, अजय बाबू ने जीता रजत

पुरुषों की 79 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में भारत के वल्लूरी अजय बाबू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता।

अजय बाबू ने मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के बीच बेहतरीन लिफ्ट लगाई और भारत को महत्वपूर्ण पदक दिलाया।

उनके प्रदर्शन ने वेटलिफ्टिंग में भारत की मजबूत परंपरा को आगे बढ़ाया। भारतीय भारोत्तोलकों ने कॉमनवेल्थ मंच पर लंबे समय से शानदार प्रदर्शन किया है और अजय बाबू ने अपनी उपलब्धि से इस क्रम को कायम रखा।

ज्ञानेश्वरी यादव का रजत पर कब्ज़ा

वेटलिफ्टिंग के 53 किलोग्राम वर्ग में ज्ञानेश्वरी यादव ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया।

उन्होंने कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच संयम और ताकत का परिचय दिया।

ज्ञानेश्वरी का पदक भारतीय महिला वेटलिफ्टिंग के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में जीता रजत

पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में भारत के सर्वेश अनिल कुशारे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता।

उन्होंने बेहतरीन तकनीक और आत्मविश्वास के साथ चुनौती पेश की और देश को एथलेटिक्स में एक और पदक दिलाया।

सर्वेश का प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए उत्साहजनक है।

हाई जंप जैसी तकनीकी स्पर्धा में पदक जीतना बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने अपने प्रदर्शन से यह संकेत दिया कि भारतीय एथलीट अब ट्रैक के साथ-साथ फील्ड स्पर्धाओं में भी मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं।

बिंदियारानी ने देश को कांस्य पदक दिलाया

58 किलोग्राम वर्ग में भारत की बिंदियारानी देवी ने कांस्य पदक जीतकर देश की पदक संख्या में इजाफा किया।

बिंदियारानी ने दबाव के बीच महत्वपूर्ण लिफ्ट लगाते हुए पोडियम स्थान हासिल किया।

उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय वेटलिफ्टिंग दल की गहराई और मजबूती को भी दर्शाया।

कई भारतीय खिलाड़ी पदक से चूके

पांचवें दिन कुछ भारतीय खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद पदक जीतने से चूक गए।

महिला वॉल्ट स्पर्धा के फाइनल में भारतीय जिम्नास्ट प्रतिष्ठा सामंता ने अपनी चुनौती पेश की, लेकिन वह पोडियम फिनिश हासिल नहीं कर सकीं।

पुरुषों की 100 मीटर स्पर्धा में भारतीय धावक गुरिंदरवीर सिंह प्रतियोगिता से बाहर हो गए।

तैराकी में भारत के अनुभवी खिलाड़ी साजन प्रकाश पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा के फाइनल में सातवें स्थान पर रहे।

पुरुषों की 800 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा के फाइनल में भारत के 22 वर्षीय तैराक आर्यन नेहरा भी सातवें स्थान पर रहे।

व्हीलचेयर बास्केटबॉल में भारतीय महिला टीम को नाइजीरिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।

वहीं, पुरुषों की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक SB9 स्पर्धा के फाइनल में भारत के स्वातिक पाटिल पांचवें स्थान पर रहे।

छठे दिन कई खेलों में भारत को पदक की उम्मीद

कॉमनवेल्थ गेम्स के छठे दिन भारत के सामने कई स्पर्धाओं में पदक जीतने का मौका होगा।

वेटलिफ्टिंग में भारत की उम्मीदें एक बार फिर मजबूत रहेंगी।

भारतीय प्रशंसकों की नजरें निरूपमा देवी और हरजिंदर कौर के प्रदर्शन पर होंगी।

दोनों खिलाड़ी अपनी-अपनी स्पर्धाओं में देश के लिए पदक जीतने की क्षमता रखती हैं।

एथलेटिक्स में महिला लॉन्ग जंप स्पर्धा के फाइनल में पूजा सिंह भारत की चुनौती पेश करेंगी।

उनसे लंबी छलांग के साथ पदक की दौड़ में शामिल होने की उम्मीद है।

पुरुषों की 10 हजार मीटर दौड़ के फाइनल में भारत के गुलवीर सिंह पर सभी की नजरें होंगी।

लंबी दूरी की दौड़ में गुलवीर भारत के प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं और उनसे देश के लिए पदक जीतने की उम्मीद की जा रही है।

छठे दिन पैरा तैराकी में भी भारतीय खिलाड़ी पदक के लिए उतरेंगे।

भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने अब तक शानदार प्रदर्शन किया है और उनसे एक बार फिर अच्छे नतीजों की उम्मीद है।

मुक्केबाजी में जदुमणि सिंह के मुकाबले पर भी भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें रहेंगी।

अगर वह क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जीत दर्ज करते हैं तो भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित हो सकता है।

कॉमनवेल्थ गेम्स में सेमीफाइनल में पहुंचने वाले खिलाड़ियों को कम से कम कांस्य पदक मिलने की संभावना रहती है।

भारत की पदक संख्या में हो सकता है और इजाफा

पांचवें दिन भारत ने पैरा एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन कर अपनी पदक उम्मीदों को मजबूत किया।

हालांकि कुछ खिलाड़ी पदक से चूक गए, लेकिन आने वाले मुकाबलों में भारत के पास कई और पदक जीतने के अवसर हैं।

वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स, पैरा तैराकी और मुक्केबाजी में भारतीय खिलाड़ी अपनी चुनौती पेश करेंगे।

अब भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें कॉमनवेल्थ गेम्स के छठे दिन पर टिकी हैं।

जहां गुलवीर सिंह, पूजा सिंह, निरूपमा देवी, हरजिंदर कौर और जदुमणि सिंह जैसे खिलाड़ी देश के लिए पदक जीतने की कोशिश करेंगे।