ऐसी गलती काहे साहेब, भारी ब्लंडर का जिम्मेदार कौन, गलतियों के बीच निर्देश देते रहे धनबाद उपायुक्त

Dhanbad administration’s blunder: आगामी रविवार 19 मार्च को झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा होना है।

इस दौरान अभ्यर्थियों को मोबाइल, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

अगर कदाचार करते पकड़े गये तो सिर्फ निकाले नहीं जायेंगे बल्कि प्राथमिकी दर्ज की जायेगी।

इसके अलावा परीक्षा केंद्रों और स्ट्रांग रूम के पर मीडियाकर्मियों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।

ये बातें शुक्रवार को धनबाद के न्यू टाउन हॉल में परीक्षा की तैयारी की बैठक के दौरान उपायुक्त आदित्य रंजन (IAS) ने कही।

बैठक में ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी (IPS), सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव  (IPS), एडीएम लॉ एंड ऑर्डर हेमा प्रसाद, अपर नगर आयुक्त कमलेश्वर नारायण, निदेशक डीआरडीबी राजीव रंजन और जिला शिक्षा पदाधिकारी अभिषेक झा समेत जिले के कई अधिकारी और पदाधिकारी मौजूद थे।

बैठक के दौरान हो गया ब्लंडर

दरअसल ये महत्वपूर्ण बैठक धनबाद के न्यू टाउन हॉल में आयोजित की गयी थी।

बैठक के दौरान किसी भी तरह की गलती न हो इसके लिए सख्त निर्देश जारी किये गये।

लेकिन एक नहीं बल्कि कई गलतियां इस बैठक के दौरान ही नज़र आयी।

मंच पर उपायुक्त के अलावा ग्रामीण एसपी, सिटी एसपी और अन्य अधिकारी मौजूद थे।

मंच के नीचे परीक्षा संचालन से जुड़े जिले के तमाम पदाधिकारी मौजूद थे। खुद जिला शिक्षा अधिकारी अभिषेक झा भी मौजूद थे।

लेकिन इस ब्लंडर पर न किसी की नज़र पड़ी और अगर पड़ी भी होगी तो किसी ने इसे हटवाना उचित नहीं समझा।

मंच के उपर बैठक से जुड़ा एक बड़ा बैनर लगाया गया था।

इस बैनर में एक नहीं बल्कि कई गलतियां दिखायी दीं।

बैनर में दो जगहों पर परीक्षा शब्द का इस्तेमाल किया गया। एक जगह पर “परिक्षा” और दूसरी जगह पर “परीक्षा” लिखा हुआ था।

अब या तो ये “परिक्षा” सही होगी या ये “परीक्षा”।

अब दूसरी गलती हुई भर्ती लिखने में। बैनर पर बड़े-बड़े शब्दों में लिखा था “भरती”। हिन्दी के जानकारों की मानें तो परीक्षा के दौरान “भर्ती” शब्द सही माना जाता है। “भरती” का अर्थ होता है किसी चीज में भरा जाने वाला भाव।

सवाल यह है कि जिस मंच पर IAS, IPS और जिला शिक्षा पदाधिकारी जैसे शिक्षित लोग विराजमान हों वहां पर इस तरह की गलती की गुंजाइश क्यों और कैसे?

हो सकता है यह प्रिंटिंग मिस्टेक हो, लेकिन क्या पूरी बैठक के दौरान किसी की नज़र उसपर नहीं पड़ी और क्या बैठक के बाद भी नहीं पड़ी।

और अगर पड़ी भी तो अनजान क्यों बने रहे।

उपायुक्त ने कड़े निर्देश दिये

बहरहाल बैठक में उपायुक्त ने मौजूद पदाधिकारियों और दंडाधिकारियों को कई निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि इस परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं कदाचार मुक्त संपन्न कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केंद्र के 100 मीटर की परिधि में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू रहेगी। इसलिए किसी भी परीक्षा केंद्र के आसपास भीड़ नहीं होनी चाहिए।

उपायुक्त ने सभी दंडाधिकारियों को उनके साथ टैग पुलिस पदाधिकारी के साथ समन्वय बनाने, परीक्षा के दौरान कोई समस्या आने पर वरीय पदाधिकारियों को सूचित करने, परीक्षा केंद्र पर कोई अव्यवस्था उत्पन्न नहीं होने देने, अपने दायित्व का अच्छे से निर्वहन करने का निर्देश दिया।

परीक्षा केन्द्रों में प्रवेश एवं निकास के लिए सिंगल गेट सिस्टम की व्यवस्था रहेगी। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सघन जांच, पहचान सत्यापन, अनुशासित आवागमन तथा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखेंगे।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की मनाही

उपायुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि कोई भी परीक्षार्थी, परीक्षक या परीक्षा में लगा अन्य कोई व्यक्ति, परीक्षा केन्द्र पर किसी भी प्रकार के अनुचित साधनों या उपकरणों का प्रयोग नहीं करेगा।

परीक्षा केन्द्र पर मोबाईल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, घड़ी, कैलकुलेटर, पेजर, चिप, कम्प्यूटर को प्रभावित करने वाला कोई उपकरण सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना निषिद्ध होगा।

अभ्यर्थी केवल लेखन सामग्री लेकर ही प्रवेश करेंगे।

प्रवेश के दौरान उनके ओरिजिनल फोटो युक्त पहचान पत्र के साथ मिलान करके बायोमेट्रिक अटेंडेंस लेंगे।

कदाचार की तो एफआईआर दर्ज होगी

उपायुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि परीक्षा के दौरान कदाचार करने पर परीक्षार्थी पर संबंधित थाना में एफआईआर दर्ज की जाएगी।

मीडियाकर्मियों को रखा गया दूर

परीक्षा के अवसर पर सभी परीक्षा केन्द्रों तथा स्ट्रांग रूम परिसर के पास किसी भी मीडिया प्रतिनिधि, पत्रकार, छायाकार अथवा अन्य मीडिया कर्मियों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित एवं वर्जित रहेगा।

ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी ने सभी को कंट्रोल रूम एवं निकटतम पुलिस थाना का नंबर अपने पास रखने का अनुरोध करते हुए कहा कि किसी प्रकार की समस्या आने पर तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम या संबंधित थाना को दें।

सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने सभी पुलिस पदाधिकारियों को परीक्षा के दौरान सतर्क रहने एवं सुरक्षा में कोई चूक नहीं होने देने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी को परीक्षा से पहले केंद्र का भ्रमण करने के अलावा शुक्रवार और शनिवार की रात जिले में सघन चेकिंग अभियान चलाने का निर्देश दिया।

झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा (सीधी भर्ती) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा जिले के 46 सेंटर पर संचालित की जाएगी। परीक्षा के दौरान अनुमंडल दंडाधिकारी तथा डीएसपी सीसीआर सुमित कुमार के नेतृत्व में जिला नियंत्रण कक्ष कार्यरत रहेगा।

इस मौके पर पंचायती राज पदाधिकारी मुकेश कुमार बाउरी, ट्रेजरी ऑफिसर पंकज कुमार, डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नौशाद आलम और घनश्याम दुबे के अलावा अन्य प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी के साथ सभी दंडाधिकारी मौजूद थे।