Youth Hockey Asian Championship: भारतीय युवा हॉकी के लिए ऐतिहासिक दिन है।
यूथ हॉकी एशियाई चैंपियनशिप के फाइनल में भारतीय पुरुष टीम ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 3-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
वहीं, महिला टीम को फाइनल में चीन के खिलाफ 2-4 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन रजत पदक जीतने के साथ-साथ आगामी एफआईएच यूथ हॉकी विश्व कप के लिए भी क्वालीफाई करने में सफल रही।
फाइनल में पाकिस्तान को भारत ने पटका
पुरुष वर्ग के फाइनल में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया।
भारत के लिए रोमित पाल ने पांचवें मिनट में पहला गोल कर टीम को बढ़त दिलाई।
इसके बाद कप्तान केतन कुशवाहा ने 12वें मिनट में बढ़त दोगुनी कर दी।
महज एक मिनट बाद शाहरुख अली ने 13वें मिनट में तीसरा गोल दागकर पाकिस्तान पर दबाव और बढ़ा दिया।
पाकिस्तान की टीम केवल एक गोल ही कर सकी और भारत ने 3-1 से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा जमाया।
पूरे टूर्नामेंट में भारतीय पुरुष टीम का प्रदर्शन शानदार रहा।
टीम ने एक भी मैच नहीं गंवाया और अपराजित रहते हुए खिताब अपने नाम किया।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हॉकी इंडिया ने विजेता खिलाड़ियों को 2-2 लाख रुपये तथा सपोर्टिंग स्टाफ को 1-1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की।
फाइनल में हारकर भी विश्व कप में पहुंची भारतीय टीम
दूसरी ओर, महिला वर्ग के फाइनल में भारत को चीन के खिलाफ 2-4 से हार का सामना करना पड़ा।
हालांकि भारतीय महिला टीम ने पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता और आगामी एफआईएच यूथ हॉकी विश्व कप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया।
इस उपलब्धि पर हॉकी इंडिया ने महिला टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को 1-1 लाख रुपये तथा सपोर्टिंग स्टाफ को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की।
भारतीय हॉकी के लिए यह टूर्नामेंट कई मायनों में यादगार रहा।
पुरुष टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर और महिला टीम ने रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया, साथ ही दोनों टीमों ने विश्व कप का टिकट हासिल कर भारतीय हॉकी के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत तस्वीर पेश की।
