Linda Nosková reigns at Wimbledon: चेक रिपब्लिक की टेनिस खिलाड़ी लिंडा नोस्कोवा ने विम्बलडन का खिताब जीत लिया है।
महिला सिंगल्स के खिताबी मुकाबले में उन्होंने अपने हमवतन कैरोलीना मुहोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से हराया।
पहली बार चेक रिपब्लिक की दो खिलाड़ियों के बीच खिताबी भिड़ंत
विम्बलडन के इतिहास में पहली बार चेक रिपब्लिक की दो खिलाड़ियों के बीच खिताबी भिड़ंत हुई।
पेरिस ओलंपिक में डबल्स पार्टनर के रूप में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने वाली लिंडा नोस्कोवा और कैरोलीना मुहोवा के बीच यह मुकाबला हुआ।
मैच प्वाइंट बचाकर चैंपियन तक का सफर
चैंपियन लिंडा नोस्कोवा ने तीसरे दौर का मुकाबला संघर्षपूर्ण खेला था।
तीसरे दौर में रोमानिया की सोराना सिर्स्टिया के खिलाफ मैच प्वाइंट बचाकर उन्होंने चौथे दौर में कदम रखा था।
विम्बलडन में मैच प्वाइंट बचाकर खिताब जीतने वाली वे तीसरी महिला खिलाड़ी बनीं।
उनसे पहले वीनस विलियम्स और सेरेना विलियम्स ने यह कारनामा किया था।
दूसरे सेट में लय खोने के बाद संभलीं नोस्कोवा
पहला सेट आसानी से 6-2 से जीतने के बाद नोस्कोवा दूसरे सेट में भी बेहद आसान जीत की ओर बढ़ रही थीं।
दूसरे सेट में वे एक समय 5-2 से आगे थीं और 1 गेम जीतकर यह खिताब अपने नाम कर सकती थीं।
उन्हें मैच प्वाइंट भी मिला जहां से बस एक बेहतरीन शॉट और यह खिताबी जंग खत्म हो सकती थी।
लेकिन यहां से कैरोलीना मुहोवा ने न सिर्फ मैच प्वाइंट बचाया बल्कि शानदार वापसी की और लगातार 5 गेम जीतकर यह सेट 7-5 से जीत लिया।
इसी के साथ यह मुकाबले तीसरे और निर्णायक सेट तक चला गया।
हालांकि इसके बाद वो तीसरे सेट में फिर से लय में लौटीं और 6-3 से निर्णायक सेट जीतकर इतिहास रच दिया।
विम्बल्डन में चेक खिलाड़ियों का दबदबा
बीते 4 सालों में विम्बलडन के इतिहास में 3 चेक रिपब्लिक खिलाड़ियों ने खिताब जीता है।
वर्ष 2023 में मार्केटा वोंद्रोसोवा और वर्ष 2024 में बारबोरा क्रेजिकोवा ने यह खिताब अपने नाम किया था।
इस जीत के साथ ही नोस्कोवा पर पैसों की बारिश हुई।
लिंडा नोस्कोवा को विनर के तौर पर लगभग 38.5 करोड़ रूपये मिले।
