Teachers Felicitation Ceremony: झारखंड राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया।
झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (JCERT) के सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में राज्य के कुल 190 शिक्षकों को उनके महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह में शिक्षकों को डिजिटल कंटेंट क्रिएशन, दीक्षा (DIKSHA) प्लेटफॉर्म पर कार्य, पंख कार्यक्रम के साथ-साथ कक्षा एक और दो की पाठ्यपुस्तकों के लेखन एवं समीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह में JCERT के निदेशक शशि रंजन ने चयनित शिक्षकों को सम्मान प्रदान किया।
इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल, गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री तैयार करने तथा प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।
गणित की पाठ्यपुस्तक समीक्षा के लिए कुंदन कुमार सम्मानित
इसी क्रम में पीएम श्री अपग्रेडेड हाई स्कूल, बानपुर, अनगड़ा के शिक्षक कुंदन कुमार को विशेष उपलब्धि के लिए राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया।
कुंदन कुमार को कक्षा एक और दो की गणित की पाठ्यपुस्तक की समीक्षा करने में योगदान के लिए यह सम्मान मिला।
प्रारंभिक कक्षाओं के लिए तैयार की जाने वाली पाठ्यपुस्तकों की गुणवत्ता बच्चों की बुनियादी समझ और सीखने की नींव को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है।
ऐसे में पाठ्यपुस्तक के लेखन और समीक्षा से जुड़े शिक्षकों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
कुंदन कुमार का राज्य स्तर पर सम्मानित होना न केवल उनके व्यक्तिगत शैक्षणिक योगदान की पहचान है, बल्कि यह अनगड़ा क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।
डिजिटल शिक्षा से लेकर पाठ्यपुस्तक तक, शिक्षकों की बढ़ती भूमिका
झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को तकनीक और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ने की दिशा में शिक्षकों की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
डिजिटल कंटेंट तैयार करने से लेकर DIKSHA जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने तक शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
वहीं, राज्य के पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकों के निर्माण एवं समीक्षा में शिक्षकों की भागीदारी यह दर्शाती है कि कक्षा में बच्चों के साथ प्रत्यक्ष रूप से काम करने वाले शिक्षकों के अनुभव को भी शैक्षणिक सामग्री तैयार करने की प्रक्रिया में महत्व दिया जा रहा है।
राज्य स्तर पर 190 शिक्षकों का सम्मान इसी व्यापक शैक्षणिक योगदान को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।
