कमाल, धमाल, बेमिसाल, खेल से पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का पदक हुआ पक्का, जानिए कैसे

Commonwealth Games 2026: स्कॉटलैंड में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पदक खेलों के शुरुआती दौर में ही लगभग तय हो गया है।

भारतीय स्टार मुक्केबाज और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं।

इसके साथ ही उन्होंने देश के लिए कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर दिया है।

कॉमनवेल्थ गेम्स की मुक्केबाजी प्रतियोगिता में दोनों सेमीफाइनल में हारने वाले खिलाड़ियों को भी कांस्य पदक दिया जाता है।

यानी किसी मुक्केबाज के सेमीफाइनल में पहुंचते ही उसका पदक पक्का हो जाता है।

यही वजह है कि लवलीना के अंतिम चार में पहुंचते ही भारत के खाते में पहला पदक तय हो गया है।

लवलीना बोरगोहेन से गोल्ड मेडल की है उम्मीद

भारतीय मुक्केबाजी की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में लवलीना बोरगोहेन शामिल हैं।

टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है।

उनके अनुभव और तकनीकी कौशल ने एक बार फिर भारत को बड़ी उम्मीद दी है।

हालांकि अब लवलीना की निगाहें सिर्फ कांस्य पर नहीं, बल्कि स्वर्ण पदक पर होंगी।

यदि वह सेमीफाइनल और फिर फाइनल मुकाबला जीतने में सफल रहती हैं तो भारत के लिए गोल्ड मेडल हासिल कर सकती हैं।

लवलीना के अलावा भारत की जैस्मीन लांबोरिया, प्रीति पवार और साक्षी चौधरी से भी पदक की उम्मीदें हैं।

वहीं एथलेटिक्स में नीरज चोपड़ा, मुरली श्रीशंकर और प्रवीण चित्रवेल, जबकि वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू, बिंद्यारानी देवी और ज्ञानेश्वरी यादव पर देश की निगाहें टिकी होंगी।

कॉमनवेल्थ गेम्स के पहले ही दिन भारत के लिए पदक की शुरुआत होना पूरे दल का मनोबल बढ़ाने वाला है।

अब भारतीय खेल प्रेमियों की उम्मीद होगी कि लवलीना अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए कांस्य को स्वर्ण में बदलें और भारत के पदकों की संख्या लगातार बढ़ती रहे।