Mamta Banarjee: पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आ चुका है और जनता ने ममता बनर्जी की सरकार को बाय कर इस बार बीजेपी को मौका दिया है।
राज्य में पहली बार बीजेपी अकेले दम पर सरकार बनाने जा रही है।
लेकिन यह सब इतना आसान नहीं है, ममता बनर्जी ने इस करारी हार के बाद भी इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है।
अब ममता बनर्जी का सीएम पद से इस्तीफा देने से इनकार करने के बाद सियासत गरम हो गयी है।
ममता बनर्जी के गंभीर आरोप
चुनाव में मिली करारी हार के बाद ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने 100 से अधिक सीटों की चोरी की है।
उन्होंने कहा कि चुनाव में उनकी लड़ाई बीजेपी से नहीं बल्कि चुनाव आयोग से थी।
ममता ने कहा कि वो हारी नहीं हैं और वो इस्तीफा भी नहीं देंगी।
राज्यपाल के पास क्या हैं विकल्प
राज्य में सरकार को लेकर राज्यपाल के पास विशेष शक्तियां प्रदत हैं।
- राज्यपाल चुनाव में हार चुके सीएम से इस्तीफा मांग सकते हैं या बर्खास्त कर सकते हैं।
- इस्तीफा देने से इनकार करने पर विधानसभा को तुरंत भंग करने का आदेश जारी कर सकते हैं।
- अगर सीएम की तरफ से कोई बखेड़ा खड़ा किया जाता है तो अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकते हैं।
- राज्यपाल नये जनादेश वाली पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं।
- अनुच्छेद 164 के तहत नया मुख्यमंत्री नियुक्त करने और शपथ दिलवाने की शक्ति रखते हैं।
7 मई को कार्यकाल खुद ही खत्म
बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है।
अगर इसके पहले ममता बनर्जी ने इस्तीफा नहीं दिया तो विधानसभा खुद ही भंग हो जायेगी।
फिर न तो ममता बनर्जी सीएम रहेंगी और न ही सीएम की कोई जिम्मेदारी उनके पास होगी।
7 मई के बाद ममता बनर्जी आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री नहीं मानी जायेंगी।
विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नये मुख्यमंत्री का निर्वाचन ज़रूरी होता है।
