Jharkhand Agriculture Trade Fair: झारखंड कृषि उत्पाद एवं व्यापार मेला की शुरूआत रांची में हो गयी है।
मेला का उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने किया। मौके पर राज्य सरकार के कई मंत्री भी मौजूद थे।
इस मेला में राज्य भर के प्रगतिशील किसान, देशभर के कृषि वैज्ञानिक शामिल हो रहे हैं।
सरकारी और ग़ैर सरकारी क्षेत्रों के 200 स्टॉल मेले में लगाये गये हैं, जहां नवाचारों को प्रदर्शित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और देश की आजादी के बाद सबसे पहली परिकल्पना हमारे अन्नदाता को लेकर ही की गई थी, इसीलिए ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा बुलंद हुआ।
उन्होंने कहा कि “खेती-बाड़ी और किसान का इतिहास इस धरती पर किसी भी जाति, धर्म, वर्ग या संप्रदाय के वजूद में आने से कहीं पुराना है।
कृषि ने ही घुमंतू इंसान को एक जगह ठहरकर समाज की नींव रखना सिखाया। यह मानव सभ्यता की एक अनवरत यात्रा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में भू-जल का लगातार सिर्फ दोहन हो रहा है।
नियम यह है कि हम जितना धरती से लेते हैं, उसका कुछ हिस्सा हमें रिचार्ज पिट और सोक पिट के जरिए वापस लौटाना भी होगा, अन्यथा प्रकृति हमें माफ नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि जरूरी है कि हम पानी बचाएं और जल संचय पर ध्यान केंद्रित करें।
प्रकृति एवं विकास कार्य के बीच संतुलन जरूरी
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज सड़कों और उद्योगों के नाम पर 50-100 साल पुराने जंगलों को उजाड़ा जा रहा है, जिससे शहर कंक्रीट के बेजान जंगल में तब्दील हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विकास की लकीर के साथ खिंच रही इस विनाश की लकीर को रोकना होगा और इसमें आम जन-भागीदारी बेहद जरूरी है।
बिरसा हरित ग्राम योजना की वैश्विक गूंज
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत बंजर भूमि और खेतों पर लगाए गए फलदार पौधों का परिणाम दिखने लगा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल दिनों में ही सिमडेगा की जेएसएलपीएस (JSLPS) से जुड़ी दीदियों ने बताया कि उनके द्वारा बागवानी के माध्यम से उपजाया गया आम आज सीधे लंदन (यूके) निर्यात हो रहा है।
जैविक खेती पर फोकस करें किसान- सीएम
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने किसानों से आग्रह किया कि फसलों को उगाने में जहरीले पदार्थ का इस्तेमाल न करें।
रासायनिक खाद का इस्तेमाल भी कम से कम हो यह सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि चंद रुपयों की लालच में दूसरों की जान खतरे में न डालें, क्योंकि यह जहरीला अनाज घूमकर हमारे अपने परिवार के पेट में ही जाता है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक जैविक खाद उपयोग करने की अपील की,
साझा जिम्मेदारी से बदलेगी झारखंड की तस्वीर- हेमंत
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी और आधी जिम्मेदारी किसानों को उठानी होगी।
जब दोनों मिलकर प्रयास करेंगे तो झारखण्ड के किसानों को कोई हरा नहीं सकता।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वयं कृषि व्यापार मेले में लगे स्टॉलों का भ्रमण किया तथा अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिरसा कृषि रथ-2026 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, सांसद राज्यसभा महुआ माजी, विधायक सुरेश कुमार बैठा, कुलपति, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय डॉ० एस० सी० दुबे, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीक सहित राज्य सरकार के वरीय अधिकारीगण तथा अन्य गणमान्य सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कृषक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
