खान और खनिज संशोधन विधेयक पारित होने पर झारखंड कांग्रेस का केंद्र पर हमला, झारखंड और यहां की जनता के साथ सौतेला व्यवहार का आरोप

Jharkhand Congress attacks BJP: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव बिनय सिन्हा दीपू ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है।

उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार की तरफ से संसद में पारित कराए गए खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 झारखंड की जनता पर सीधा वज्रपात है।

बिनय सिन्हा ने कहा खनिज और जमीन हमारी है, तो हमारे हक-अधिकार का फैसला दिल्ली में बैठे लोग क्यों तय करेंगे?

यह संशोधन सीधे तौर पर हमारे राज्य के वित्तीय हितों के हाथ-पैर काटने की साजिश है।

कांग्रेस महासचिव ने कई बिंदुओं के जरिये केंद्र सरकार को घेरा

₹1.36 लाख करोड़ के हक पर दिल्ली की डाकाजनी: झारखंड का विभिन्न केंद्रीय उपक्रमों (PSUs) और कोल इंडिया के पास ₹1.36 लाख करोड़ का पुराना बकाया भूमि मुआवजा, कॉमन कॉज और रॉयल्टी के रूप में लंबित है।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट ऐतिहासिक निर्णयों के बावजूद इस बकाए को देने के बजाय केंद्र सरकार ने नया कानून लाकर राज्यों के कर वसूलने के संवैधानिक अधिकार को ही खत्म कर दिया।

कल्याणकारी योजनाओं पर संकट: इस खनिज राजस्व और सेस के पैसों से झारखंड में मंइयां सम्मान योजना, अबुआ आवास, छात्रवृत्ति, और ग्रामीण विकास के कार्य संचालित होने हैं।

केंद्र का यह तानाशाही कदम हमारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को बंद करने की सुनियोजित कोशिश है।

रघुवर दास के नक्शेकदम पर केंद्र की नीति: पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार ने भी झारखंड के जल-जंगल-जमीन और खनिज हितों को कमजोर करने के रास्ते खोले थे।

आज केंद्र की बीजेपी सरकार उसी जनविरोधी नीति को राष्ट्रीय स्तर पर कानून बनाकर धार दे रही है ताकि झारखंड के मूलवासियों को उनके ही संसाधनों से बेदखल किया जा सके।

हमारी हुंकार: झारखंड कांग्रेस पार्टी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

अगर केंद्र सरकार ने इस काले कानून को तुरंत वापस नहीं लिया, तो झारखंड पंचायत से लेकर राजधानी रांची तक ऐसा ऐतिहासिक और निर्णायक आंदोलन करेगा, जिसे पूरा देश देखेगा।