हॉकी वर्ल्ड कप में नीदरलैंड्स से हार के बाद भी भारत की सेमीफाइनल की उम्मीद जिंदा, लेकिन चमत्कारी समीकरण में राह आसान नहीं

Hockey World Cup: भारतीय पुरुष हॉकी टीम को एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप के दूसरे चरण में नीदरलैंड्स के खिलाफ 1-3 से हार का सामना करना पड़ा।

इस हार ने भारत की सेमीफाइनल की राह बेहद मुश्किल कर दी है, लेकिन उम्मीद पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

अब भारत की किस्मत सिर्फ उसके अपने प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि इंग्लैंड और अर्जेंटीना के मुकाबले के नतीजे पर भी निर्भर करेगी।

नीदरलैंड्स के खिलाफ मुकाबले में भारत ने पहले दो क्वार्टर में मजबूत रक्षात्मक खेल दिखाया, लेकिन तीसरे क्वार्टर में डच टीम ने दबाव बढ़ाते हुए लगातार तीन गोल दाग दिए।

डुको टेलगेनकैंप, त्जेप हूडेमेकर्स और थाइस वान डैम ने नीदरलैंड्स के लिए गोल किए।

भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 52वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर वापसी की कोशिश की, लेकिन टीम 1-3 की हार से नहीं बच सकी।

भारत के लिए अब क्या है समीकरण?

दूसरे चरण के पूल-ई में भारत दो मैचों के बाद 0 अंक पर है।

वहीं नीदरलैंड्स 6 अंकों के साथ सेमीफाइनल में जगह पक्की कर चुका है। इंग्लैंड के पास 3 अंक हैं, जबकि अर्जेंटीना अभी खाता नहीं खोल सका है।

भारत की सेमीफाइनल की उम्मीद बचाने के लिए सबसे पहले अर्जेंटीना को इंग्लैंड को हराना होगा।

अगर इंग्लैंड जीतता है तो उसके छह अंक हो जाएंगे और भारत की उम्मीद वहीं खत्म हो जाएगी।

इंग्लैंड और अर्जेंटीना का मुकाबला ड्रॉ रहने पर भी भारत के लिए समीकरण बेहद मुश्किल हो जाएगा और वह सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो जाएगा।

अगर अर्जेंटीना जीत गया तो?

अर्जेंटीना अगर इंग्लैंड को हरा देता है, तब इंग्लैंड तीन अंकों पर रुक जाएगा और अर्जेंटीना के भी तीन अंक हो जाएंगे।

इसके बाद भारत को अपने आखिरी मुकाबले में अर्जेंटीना को हराना होगा।

लेकिन सिर्फ जीत पर्याप्त नहीं होगी।

भारत को गोल अंतर के मामले में भी बड़ी बढ़त हासिल करनी होगी।

मौजूदा स्थिति में भारत का गोल अंतर -4 है, इसलिए अंतिम मुकाबले में बड़ी जीत हासिल करना उसके लिए बेहद जरूरी होगी।

इसके अलावा भारत को उम्मीद करनी होगी कि नीदरलैंड्स अपने आखिरी मुकाबले में इंग्लैंड को हरा दे।

ऐसी स्थिति में इंग्लैंड 3 अंकों पर रुक जाएगा और भारत के पास अर्जेंटीना को हराकर दूसरे सेमीफाइनल स्थान के लिए गोल अंतर के आधार पर चुनौती पेश करने का मौका होगा।

भारत के लिए पूरा रास्ता

भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए तीन चीजें चाहिए-

  1. अर्जेंटीना को इंग्लैंड को हराना होगा।
  2. नीदरलैंड्स को इंग्लैंड के खिलाफ जीतना होगा।
  3. भारत को अर्जेंटीना को बड़े अंतर से हराना होगा।

यानी अब भारतीय टीम के हाथ में सिर्फ एक मैच है, लेकिन सेमीफाइनल का टिकट पाने के लिए उसे दूसरे मैचों के नतीजों का भी इंतजार करना होगा।

भारत का अगला और आखिरी पूल-ई मुकाबला 24 अगस्त को अर्जेंटीना के खिलाफ है।

उम्मीद कम, लेकिन खत्म नहीं

नीदरलैंड्स के खिलाफ हार ने भारत को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया है जहां एक छोटी सी चूक भी विश्व कप का सफर खत्म कर सकती है।

अब हरमनप्रीत सिंह और उनकी टीम को न केवल अर्जेंटीना के खिलाफ जीत दर्ज करनी होगी, बल्कि बड़े गोल अंतर के साथ जीत हासिल करने की कोशिश करनी होगी।

दूसरी तरफ भारतीय खिलाड़ियों की नजरें पहले अर्जेंटीना और इंग्लैंड के मुकाबले पर होंगी।

अर्जेंटीना की जीत भारत की उम्मीद को जिंदा रखेगी, जबकि इंग्लैंड की जीत या ड्रॉ भारत के विश्व कप अभियान पर पूर्ण विराम लगा देगा।