Art of Giving Ratna Samman: रांची में “आर्ट ऑफ गिविंग रत्न सम्मान समारोह–2026” का भव्य आयोजन किया गया।
आर्ट ऑफ गिविंग, झारखंड यूनिट द्वारा आयोजित इस समारोह में शिक्षा, साहित्य, पत्रकारिता, चिकित्सा, समाजसेवा तथा खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 19 विभूतियों एवं एक जिला इकाई को सम्मानित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. अच्युत सामंत, संस्थापक, KIIT एवं KISS थे।
राज्यसभा सांसद डॉ. महुआ माजी तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर शेखर बोस, प्रो. डॉ. गगनेंदु दास, सुनील सहाय और उत्तम राज सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।
शेखर बोस ने सेवा, समर्पण और सहयोग का दिया संदेश
कार्यक्रम में शेखर बोस ने स्वागत एवं संबोधन करते हुए आर्ट ऑफ गिविंग की विचारधारा तथा सेवा, समर्पण और सहयोग के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित करना समाज के लिए प्रेरणादायक है।
ऐसे सम्मान नई पीढ़ी को समाज सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
महुआ माजी ने झारखंड में KISS की इकाई खोलने का किया आग्रह
विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. महुआ माजी ने अपने संबोधन में आर्ट ऑफ गिविंग के सेवा एवं मानवता के कार्यों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि समाज में स्थायी बदलाव के लिए शिक्षा और मानवीय संवेदना को मजबूत करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि झारखंड में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, विशेषकर ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों में अपार प्रतिभा है।
आवश्यकता है उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेल, आवासीय सुविधा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की।
डॉ. महुआ माजी ने मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. अच्युत सामंत से विशेष आग्रह किया कि KISS (Kalinga Institute of Social Sciences) की एक इकाई झारखंड में भी स्थापित करने की दिशा में पहल की जाए।
सुबोधकांत सहाय ने सम्मानित विभूतियों को दी बधाई
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने अपने संबोधन में सभी सम्मानित विभूतियों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा, साहित्य, खेल, चिकित्सा, पत्रकारिता और समाजसेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोग समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने आर्ट ऑफ गिविंग के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच, मानवता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
प्रो. डॉ. अच्युत सामंत ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान का किया आह्वान
मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. अच्युत सामंत ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन में सफलता का वास्तविक अर्थ तभी है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि सेवा और सहयोग की भावना ही बेहतर समाज का निर्माण कर सकती है।
उन्होंने सम्मानित सभी विभूतियों के योगदान की सराहना करते हुए युवाओं से शिक्षा, खेल, अनुशासन और सामाजिक सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
आर्ट ऑफ गिविंग रत्न सम्मान–2026 से सम्मानित 19 विभूतियां
डॉ. महुआ माजी (सांसद)— साहित्य
प्रो. डॉ. सरोज शर्मा, कुलपति, रांची विश्वविद्यालय— शिक्षा
हरभजन सिंह- ओलंपियन बास्केटबॉल
सुरेंद्र पांडेय— समाजसेवा
विजय पाठक— पत्रकारिता
डॉ. पी. जी. सरकार— कार्डियोलॉजी
डॉ. कामिनी कुमार— शिक्षा
संतोष कुमार, प्राचार्य, नेतरहाट आवासीय विद्यालय— शिक्षा
धीरसेन ए. सोरेंग— स्कूल गेम्स
शिवेंद्र नाथ दुबे— खेल (वुशु)
शिवेंद्र कुमार सिंह, DSO— खेल प्रशासन
सुभाष चंद्र डे— वरिष्ठ खेल पत्रकारिता
समुराई टेटे— खेल (हॉकी)
डॉ. रामजी यादव— शिक्षा
सुनील कुमार सहाय— खेल प्रशासन
जय कुमार सिन्हा— खेल (क्रिकेट)
संजय कुमार— खेल (वॉलीबॉल)
डॉ. चमन कुमार सिंह— साहित्य
डॉ. निशिकांत पाठक— खेल प्रशासक
इसके अतिरिक्त आर्ट ऑफ गिविंग, देवघर यूनिट को सर्वश्रेष्ठ जिला इकाई के सम्मान से नवाजा गया।
समारोह में उपस्थित अतिथियों ने आर्ट ऑफ गिविंग के सेवा, मानवता और सहयोग के संदेश की सराहना की तथा समाज के सक्षम वर्ग से जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया।
सुनील सहाय ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि “सेवा, समर्पण और सहयोग” की भावना को जन-जन तक पहुंचाना आर्ट ऑफ गिविंग का मूल उद्देश्य है।
इसी उद्देश्य के तहत भविष्य में भी झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया जाएगा।
समारोह का समापन सभी अतिथियों, सम्मानित विभूतियों, आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।
