नन्हे कलाकारों की तूलिका से जीवंत हुई मां की ममता, रांची में आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता में बच्चों ने बिखेरे भावना के रंग

Painting competition: मदर्स डे के मौके पर रांची के एमएमके हाई स्कूल का परिसर भावनाओं और रंगों के अनूठे संगम का गवाह बना।

सामाजिक संस्था अर्थ फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित एक भव्य पेंटिंग प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी अद्भुत कलाकारी से यह सिद्ध कर दिया कि मां के प्रति उनके प्रेम को शब्दों में नहीं, बल्कि रंगों और कल्पनाओं के माध्यम से और भी गहराई से महसूस किया जा सकता है।

​इस पेंटिंग प्रतियोगिता में 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।

बच्चों ने अपनी कूचियों से मां-बच्चे के अटूट और पवित्र रिश्ते को कैनवास पर इस कदर उकेरा कि देखने वाले हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

किसी ने अपनी पेंटिंग में मां के अंतहीन त्याग और संघर्ष को दर्शाया, तो किसी ने मां की सुरक्षा और उसकी शीतल ममता को रंगों के माध्यम से प्रस्तुत किया।

बच्चों द्वारा बनाई गई एक-एक कलाकृति मां के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा और प्रेम की कहानी बयां कर रही थी।

​कार्यक्रम के सफल आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में अर्थ फाउंडेशन के ट्रस्टी दीपक बंका मौजूद थे।

उन्होंने बच्चों की कलाकृतियों को बारीकी से अवलोकन किया और उनके हुनर की जमकर सराहना की।

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ. तनवीर अहमद, प्राचार्या कहकशां परवीन और अर्थ फाउंडेशन के अमित कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

सभी ने कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला और बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि कला ही वह माध्यम है जिससे हम अपनी गहरी भावनाओं को समाज के सामने रख सकते हैं।

बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चे पुरस्कृत

​प्रतियोगिता के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नन्हें कलाकारों को सम्मानित किया गया।

अलकामह बसीर ने अपनी सर्वश्रेष्ठ कलाकृति के लिए प्रथम स्थान प्राप्त किया।

गुंजन कुमारी ने दूसरा और सुहाना ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।

इसके अतिरिक्त, प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले अन्य बच्चों की प्रतिभा को सराहते हुए 12 सर्वश्रेष्ठ पेंटिंग बनाने वाले बच्चों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

सम्मानित होने वाले बच्चों में खुशबू कुमारी, जैस्मीन कुमारी, सालेहीन, राधिका, इकरा, अरमान खान, जाहिद खान, आरती कुमारी और आस्था कुमारी सहित अन्य प्रतिभावान छात्र शामिल थे।