Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का रंगारंग समापन समारोह भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भावनात्मक क्षणों के साथ संपन्न हुआ।
भारतीय संगीत जगत के प्रसिद्ध गायक शंकर महादेवन और सितार वादक ऋषभ रिखीराम की शानदार प्रस्तुतियों ने समापन समारोह को यादगार बना दिया।
समापन समारोह का सबसे खास पल तब आया जब अगले मेजबान देश भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स का ध्वज औपचारिक रूप से सौंपा गया।
भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी ऊषा और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स का ध्वज ग्रहण किया।
इसके साथ ही आधिकारिक तौर पर घोषणा हुई कि 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन भारत के अहमदाबाद में किया जाएगा, जो भारतीय खेल इतिहास के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
अंतिम दिन भारत के हाथ रही निराशा
कॉमनवेल्थ गेम्स के 11वें और अंतिम दिन भारत के खाते में एक भी पदक नहीं आया।
कई खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद थी, लेकिन वे अंतिम मुकाबलों में सफलता हासिल नहीं कर सके।
पैरा साइक्लिंग में लीशा दास पदक की दौड़ से बाहर हो गईं।
महिला जूडो में ईशरूप नारंग कांस्य पदक जीतने से चूक गईं।
साइक्लिंग में रोनाल्डो सिंह भी पदक हासिल नहीं कर सके।
वहीं पुरुष जूडो में अवतार सिंह और यश घंघास अपने-अपने मुकाबले हार गए।
साइक्लिंग में दिनेश कुमार फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाए।
जबकि हर्षवीर सिंह सेखो तकनीकी कारणों से अपनी रेस पूरी नहीं कर सके।
39 पदकों के साथ समाप्त हुआ भारत का अभियान
हालांकि अंतिम दिन भारत को कोई पदक नहीं मिला, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों ने कई यादगार प्रदर्शन किए।
भारत ने 10 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदकों सहित कुल 39 पदक जीतकर अपना अभियान समाप्त किया।
भारतीय दल ने एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, भारोत्तोलन, जूडो और अन्य स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया।
अब भारतीय खेल प्रेमियों की निगाहें वर्ष 2030 पर होंगी।
पहली बार अहमदाबाद कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और भारतीय खिलाड़ी घरेलू मैदान पर इतिहास रचने का प्रयास करेंगे।
