क्रिकेट के अद्भुत खिलाड़ी रहे सर गैरी सोबर्स का भारत से रहा खास रिश्ता, आज भी उनके कई रिकॉर्ड तोड़ नहीं पाया कोई, जानिये सर्वकालिक महान खिलाड़ी गैरी सोबर्स को

Sir Garfield Sobers shared a special bond with India: क्रिकेट इतिहास में जब भी सर्वकालिक महान खिलाड़ियों की बात होती है, तो सर गैरी सोबर्स (Sir Garfield Sobers) का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। वेस्टइंडीज के इस महान ऑलराउंडर ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसकी बराबरी आज तक कोई खिलाड़ी नहीं कर पाया।

क्रिकेट विशेषज्ञ उन्हें “Complete Cricketer” यानी क्रिकेट का सबसे संपूर्ण खिलाड़ी मानते थे।

भारत से क्या था सर गैरी सोबर्स का नाता?

सर गैरी सोबर्स का भारत से रिश्ता केवल क्रिकेट मैदान तक सीमित नहीं था। उन्होंने अपने करियर में भारत के खिलाफ कई यादगार मुकाबले खेले और भारतीय क्रिकेट के कई दिग्गज खिलाड़ियों के साथ गहरी मित्रता भी रही।

1960 और 1970 के दशक में जब वेस्टइंडीज की टीम भारत दौरे पर आई, तब सोबर्स भारतीय दर्शकों के सबसे पसंदीदा विदेशी खिलाड़ियों में शामिल थे। उनकी शानदार बल्लेबाजी और खेल भावना ने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया।

सोबर्स भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर की तकनीक और धैर्य की खुले दिल से प्रशंसा करते थे।

वहीं, भारतीय क्रिकेट जगत भी उन्हें क्रिकेट का आदर्श ऑलराउंडर मानता रहा। भारत में आयोजित कई क्रिकेट समारोहों और दिग्गज खिलाड़ियों के सम्मान कार्यक्रमों में भी उनकी उपस्थिति रही, जिससे उनका भारत से जुड़ाव और मजबूत हुआ।

क्रिकेट में सर गैरी सोबर्स की उपलब्धियां

सर गैरी सोबर्स का जन्म 28 जुलाई 1936 को बारबाडोस में हुआ था।

उन्होंने केवल 17 वर्ष की उम्र में वेस्टइंडीज के लिए टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया।

सोबर्स दुनिया के पहले बल्लेबाज हैं जिन्होंने अपने पहले टेस्ट शतक को तिहरे शतक में तब्दील किया।

टेस्ट में तिहरा शतक जमाने वाले दुनिया के सबसे युवा बल्लेबाज का रिकॉर्ड उनके नाम है।

1958 में किंग्सटन में गैरी सोबर्स ने पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 365 रन बनाये थे।

उस समय उनकी उम्र 21 साल 213 दिन थी।

सर गैरी सोबर्स की बड़ी उपलब्धियां

  • 93 टेस्ट मैचों में 8,032 रन, औसत 78
  • 26 शतक और 30 अर्धशतक
  • टेस्ट क्रिकेट में 235 विकेट
  • तेज, मध्यम और स्पिन, तीनों तरह की गेंदबाजी करने की क्षमता।
  • 109 कैच लेकर शानदार फील्डर होने का भी परिचय दिया।
  • 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ 365 रन की नाबाद पारी, जो उस समय टेस्ट क्रिकेट का विश्व रिकॉर्ड था।
  • 1968 में इंग्लैंड के गेंदबाज मैल्कम नैश के एक ओवर में लगातार 6 छक्के लगाने वाले दुनिया के पहले प्रथम श्रेणी क्रिकेटर बने।
  • 1975 में उन्हें नाइटहुड (Sir की उपाधि) से सम्मानित किया गया।

दिग्गज क्रिकेटरों की नजर में गैरी सोबर्स

दुनिया के महान क्रिकेटरों ने हमेशा सर गैरी सोबर्स को क्रिकेट का सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर माना है।

महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन ने एक बार कहा था कि यदि उन्हें अपनी टीम में किसी एक खिलाड़ी को चुनना हो, तो वह गैरी सोबर्स होंगे।

भारतीय दिग्गज सुनील गावस्कर ने उन्हें क्रिकेट का सबसे संपूर्ण खिलाड़ी बताया।

महान ऑलराउंडर इयान बॉथम, जैक कैलिस, रिचर्ड हैडली और कपिल देव जैसे खिलाड़ियों ने भी कई मौकों पर स्वीकार किया कि सोबर्स उनके लिए प्रेरणा रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न ने भी माना था कि यदि किसी एक खिलाड़ी में क्रिकेट की हर कला मौजूद थी, तो वह गैरी सोबर्स थे।

क्यों आज भी हैं सबसे महान?

आज क्रिकेट में विशेषज्ञ बल्लेबाज, तेज गेंदबाज, स्पिनर और ऑलराउंडर अलग-अलग भूमिकाओं में नजर आते हैं, लेकिन सर गैरी सोबर्स इन सभी भूमिकाओं को अकेले निभाने की क्षमता रखते थे।

वे मैच की परिस्थितियों के अनुसार अपनी गेंदबाजी बदल सकते थे, लंबे समय तक बल्लेबाजी कर सकते थे और शानदार फील्डिंग भी करते थे।

यही कारण है कि क्रिकेट इतिहास में जब भी “Greatest All-Rounder of All Time” की चर्चा होती है, तो सर गैरी सोबर्स का नाम सबसे पहले लिया जाता है। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा।