Vedtimes.com | स्पोर्ट्स डेस्क
Major changes likely for the WTC: टेस्ट क्रिकेट को और अधिक वैश्विक बनाने की दिशा में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के प्रारूप में बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रही है।
आगामी WTC में मौजूदा 9 टीमों की संख्या बढ़ाकर 12 किए जाने की चर्चा तेज हो गई है।
इस प्रस्ताव के तहत जिम्बाब्वे, आयरलैंड और अफगानिस्तान को भी WTC में शामिल किया जा सकता है।
9 से 12 टीमों का हो सकता है विस्तार
फिलहाल WTC में 9 टीमें हिस्सा लेती हैं और दो साल के चक्र के दौरान निर्धारित टेस्ट सीरीज के आधार पर अंक हासिल करती हैं।
शीर्ष प्रदर्शन करने वाली टीमें फाइनल की दौड़ में पहुंचती हैं।
ICC के स्तर पर तैयार किए जा रहे प्रस्ताव में सभी 12 टेस्ट खेलने वाले पूर्ण सदस्यों को प्रतियोगिता में शामिल करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
हालांकि, अभी इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है और प्रारूप को लेकर ICC तथा सदस्य बोर्डों के बीच चर्चा जारी है।
जिम्बाब्वे, आयरलैंड और अफगानिस्तान को मिलेगा बड़ा मंच
अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो जिम्बाब्वे, आयरलैंड और अफगानिस्तान पहली बार WTC का हिस्सा बन सकते हैं।
इन तीनों टीमों को टेस्ट क्रिकेट में पूर्ण सदस्य का दर्जा प्राप्त है, लेकिन मौजूदा WTC व्यवस्था में इनके टेस्ट मुकाबले चैंपियनशिप के अंक तालिका का हिस्सा नहीं बनते।
ICC के आधिकारिक FAQ में भी मौजूदा व्यवस्था के तहत इन तीन टीमों को WTC से बाहर बताया गया है।
खास तौर पर आयरलैंड के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण होगा।
आयरलैंड ने 2017 में ICC की पूर्ण सदस्यता हासिल की थी, लेकिन उसके बाद भी उसे टेस्ट क्रिकेट खेलने के सीमित अवसर मिले हैं।
क्रिकेट आयरलैंड की CEO सारा कीन ने WTC में शामिल होने की संभावना को उत्साहजनक बताया है, हालांकि उन्होंने इसके साथ आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा की जरूरत बताई है।
वनडे की तरह टेस्ट में भी बढ़ेगा वैश्विक दायरा
WTC में 12 टीमों के शामिल होने से टेस्ट क्रिकेट का भौगोलिक दायरा बढ़ेगा।
अफगानिस्तान, आयरलैंड और जिम्बाब्वे को नियमित रूप से शीर्ष टेस्ट टीमों के खिलाफ खेलने का मौका मिल सकता है।
इसका फायदा केवल इन टीमों को ही नहीं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट को भी मिल सकता है।
नई टीमों के शामिल होने से अलग-अलग परिस्थितियों में मुकाबले बढ़ेंगे और खिलाड़ियों को उच्च स्तर के टेस्ट क्रिकेट का अनुभव मिलेगा।
वन-ऑफ टेस्ट को भी मिल सकता है स्थान
प्रस्तावित बदलावों में सिर्फ टीमों की संख्या बढ़ाने की बात नहीं है।
एक टेस्ट मैच वाली सीरीज को भी WTC में शामिल करने पर विचार किया गया है।
इससे उन टीमों के लिए रास्ता आसान हो सकता है जिनके पास लंबी टेस्ट सीरीज आयोजित करने के लिए पर्याप्त अवसर या व्यस्त FTP स्लॉट नहीं हैं।
यही बदलाव अफगानिस्तान, आयरलैंड और जिम्बाब्वे जैसी टीमों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है।
भारत समेत बड़ी टीमों के लिए क्या बदलेगा?
अगर WTC का विस्तार 12 टीमों तक होता है तो भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड जैसी स्थापित टीमों के लिए भी प्रतियोगिता का समीकरण बदल सकता है।
अंक प्रणाली, सीरीज की संख्या और प्रत्येक टीम के मैचों का संतुलन बनाना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
12 टीमों के बीच समान अवसर सुनिश्चित करना आसान नहीं होगा, खासकर तब जब कुछ देशों के पास टेस्ट क्रिकेट के लिए अधिक संसाधन और लंबा घरेलू कैलेंडर है।
फिर भी, यदि ICC सभी टीमों के लिए व्यावहारिक और संतुलित प्रारूप तैयार कर पाती है तो यह टेस्ट क्रिकेट को नई ऊर्जा देने वाला कदम साबित हो सकता है।
अभी फैसला बाकी
महत्वपूर्ण बात यह है कि 12 टीमों वाला WTC अभी आधिकारिक रूप से मंजूर नहीं हुआ है।
ICC की ओर से इस दिशा में चर्चा और समीक्षा जारी है।
अगर प्रस्ताव मंजूर होता है, तो WTC का अगला दौर टेस्ट क्रिकेट के लिए एक नए युग की शुरुआत कर सकता है।
