सीएम हेमंत और कल्पना हेलिकॉप्टर विवाद गरमाया, टीएमसी का मोदी पर निशाना, झालमुड़ी ब्रेक से दूसरों की सभा पर लगा रहे ब्रेक

CM Hemant and PM Modi: पश्चिम बंगाल चुनाव पर देशभर की नज़र है। यहां पर ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी और बीजेपी में सीधा मुकाबला देखा जा रहा है।

इस चुनाव में बिहार और झारखंड के प्रमुख नेता भी चुनाव प्रचार कर रहे हैं।

इसी क्रम में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और जेएमएम विधायक कल्पना सोरेन भी टीएमसी के पक्ष में प्रचार-प्रसार में जुटे हैं।

रविवार को पश्चिम बंगाल के झारग्राम में हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन की चुनावी सभा थी।

लेकिन प्रधानमंत्री के दौरे की वजह से हेमंत और कल्पना के हेलिकॉप्टर की लैंडिंग नहीं हो सकी।

घंटों तक इंतज़ार करने के बाद बिना चुनावी सभा के हेमंत और कल्पना सोरेन वापस लौट गये।

पश्चिम बंगाल की सियासत में मुद्दा गरम

तृणमूल कांग्रेस ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा हमला बोला है।

टीएमसी ने आरोप लगाया है कि यह स्थिति पीएम मोदी के झालमुड़ी ब्रेक की वजह से बनी।

टीएमसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “प्रधान सेवक के झारग्राम में रूककर झालमुड़ी खाने और फोटो खिंचवाने के कारण दो निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को लैंडिंग की अनुमति नहीं दी गयी”।

तृणमूल कांग्रेस ने इस मुद्दे को आदिवासी सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि पीएम मोदी का ये रवैया आदिवासी नेताओं के प्रति केंद्र सरकार के रवैये को दिखाता है। टीएमसी नेता ने कहा कि जो नेता उनके सामने झुकते नहीं उनके लिए पीएम के मन में कितना सम्मान है यह सामने आ गया।

नरेन्द्र मोदी का झालमुड़ी ब्रेक

रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पश्चिम बंगाल में चुनावी कार्यक्रम था। इस दौरान वे झारग्राम में सड़क किनारे अचानक रूक गये और एक भूंजा वाले के दुकान में जा पहुंचे।

दुकानदार से पीएम ने झालमुड़ी खिलाने को कहा और उन्हें पैसे देते भी देखे गये।

इस दौरान वहां अच्छी-खासी भीड़ जमा हो गयी और लोग मोदी जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। इसी दौरान कई लोगों को पीएम ने अपने साथ फोटो खिंचवाने की अनुमति भी दी।

झारग्राम में चुनावी सभा के दौरान मोदी ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों की पार्टी बनाना चाहती है। ये लोग आदिवासी इलाकों में विकास तक नहीं कर पाये हैं।

इसी पर टीएमसी ने निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी का यह दौरा आदिवासी वोटों को साधने के लिए था लेकिन हेमंत और कल्पना प्रकरण से साफ पता चलता है कि उनकी आदिवासी विरोधी मानसिकता कैसी है।