कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: 10वें दिन भारत ने जीते 16 पदक, मेडल टैली में चौथे स्थान पर पहुंचा, मुक्केबाजों ने मचाया धमाल

Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का दसवां दिन भारतीय खेल इतिहास के सबसे यादगार दिनों में दर्ज हो गया।

भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही दिन में 16 पदक जीतकर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

इस शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने मेडल टैली में लंबी छलांग लगाते हुए चौथा स्थान हासिल कर लिया।

भारत के खाते में अब कुल 39 पदक हो चुके हैं, जिनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं।

मेडल तालिका में भारत से आगे केवल ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा की टीमें हैं।

मुक्केबाजों ने दिलाए सबसे ज्यादा 10 पदक

दसवें दिन भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक अपने नाम किए। इनमें 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक शामिल रहे।

स्वर्ण पदक विजेता

  • प्रीति पवार
  • जैस्मीन लैंबोरिया
  • साक्षी चौधरी
  • प्रिया घंघास
  • अरुंधति चौधरी
  • सचिन सिवाच
  • अंकुश पंघाल

रजत पदक विजेता

  • जादुमणि सिंह
  • लवलीना बोरगोहेन
  • नरेंद्र बेरवाल

भारतीय मुक्केबाजी दल का यह प्रदर्शन पूरे अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।

पैरा एथलेटिक्स में सोमन राणा का स्वर्णिम प्रदर्शन

पैरा एथलेटिक्स में भारत के सोमन राणा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।

वहीं पुरुषों के पैरा शॉट पुट स्पर्धा में भारत को दो पदक मिले, जिसने भारतीय पैरा एथलीटों की मजबूत तैयारी को साबित किया।

ट्रिपल जंप में भारत का डबल पोडियम

एथलेटिक्स की पुरुष ट्रिपल जंप स्पर्धा में भारत ने दोहरा पदक जीतकर इतिहास रच दिया।

  • प्रवीण चित्रवेल – रजत पदक
  • सेल्वा प्रभु थिरुमारन – कांस्य पदक

दो भारतीय खिलाड़ियों का एक साथ पोडियम पर पहुंचना भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि रही।

जूडो में भी मिला शानदार सफलता

जूडो प्रतियोगिता में भारत को दो कांस्य पदक मिले।

  • हर्ष टोकस ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
  • उन्नति शर्मा ने महिला 63 किलोग्राम वर्ग में दक्षिण अफ्रीका की स्काई नोएस्टर को हराकर कांस्य पदक जीता।

गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास

पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया।

इससे पहले वे 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीत चुके थे। इसके साथ ही वे राष्ट्रमंडल खेलों के एक ही संस्करण में दो ट्रैक एंड फील्ड पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए।

मेडल टैली में भारत की शानदार छलांग

लगातार बेहतर प्रदर्शन के चलते भारत ने मेडल टैली में चौथा स्थान हासिल कर लिया है।

भारत का पदक प्रदर्शन

  • 🥇 स्वर्ण : 13
  • 🥈 रजत : 17
  • 🥉 कांस्य : 9
  • कुल पदक : 39

भारत अब शीर्ष-3 देशों के बेहद करीब पहुंच चुका है और आगामी मुकाबलों में उसकी निगाहें और अधिक पदकों पर रहेंगी।

इन मुकाबलों में भारत पदक से चूक गया

जहां कई खिलाड़ियों ने देश को गौरवान्वित किया, वहीं कुछ स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों को निराशा भी हाथ लगी।

  • 4×400 मीटर मिश्रित रिले टीम छठे स्थान पर रही।
  • प्रियंका गोस्वामी महिलाओं की 10,000 मीटर रेस वॉक में चौथे स्थान पर रहीं।
  • देव कुमार मीना पोल वॉल्ट में चौथे स्थान पर रहे जबकि कुलदीप कुमार छठे स्थान पर रहे।
  • लॉन बाउल्स में नयनमोनी सैकिया दक्षिण अफ्रीका की ब्रिजेट हर्सलमैन से हार गईं।
  • करनजीत सिंह मान जूडो रेपेचेज में हार गए।
  • इनुंगनबी ताखेलंबम क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गईं।
  • हर्ष टोकस क्वार्टर फाइनल में हारने के बाद रेपेचेज के जरिए कांस्य पदक जीतने में सफल रहे।
  • ट्रैक साइक्लिंग और स्प्रिंट स्पर्धाओं में कई भारतीय खिलाड़ी अगले दौर में जगह नहीं बना सके।
  • रमेश षणमुगम पुरुषों की 1500 मीटर T54 स्पर्धा में सातवें स्थान पर रहे।

भारत की बढ़ी पदकों की उम्मीद

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में भारतीय खेल का भविष्य बेहद उज्जवल है।

मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, जूडो और पैरा स्पर्धाओं में खिलाड़ियों का आत्मविश्वास चरम पर है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के अंतिम चरण में भारतीय खिलाड़ियों से और भी कई पदकों की उम्मीद है, जिससे यह अभियान भारत के लिए अब तक के सबसे सफल राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल हो सकता है।