East Central Railway: पूर्व मध्य रेल ने माल ढुलाई के क्षेत्र में रिकॉर्ड कायम किया है। पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने पटना में पत्रकारों को यह जानकारी दी।
साथ ही भविष्य में पूरे किए जाने वाले परियोजनाओं का विस्तारपूर्वक जानकारी भी दी।

उन्होंने कहा कि पूर्व मध्य रेल माल ढुलाई के क्षेत्र में रिकॉर्ड कायम करते हुए समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 203.42 मिलियन टन माल ढुलाई कर माल ढुलाई के क्षेत्र में भारतीय रेल के 4 प्रथम क्षेत्रीय रेल में शामिल होने का गौरव हासिल किया है।
यात्रियों की सुविधायें बढ़ेंगी
महाप्रबंधक ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूर्व मध्य रेल द्वारा कई कदम उठाए गए हैं।
इनमें बिहार के सुदूर इलाकों तक रेल सेवा पहुंचाने के उद्देश्य से कोसी क्षेत्र के लौकहा बाजार, ललितग्राम, राघोपुर जैसे रिमोट एरिया के स्टेशनों से देश की राजधानी और बिहार की राजधानी के लिए पहली बार रेल सेवा प्रारंभ की गयी है।
इसके साथ ही हसनपुर रोड, पूर्णिया कोर्ट आदि स्टेशनों से दिल्ली के लिए स्पेशल ट्रेनों का परिचालन प्रारंभ किया गया है। इससे इन क्षेत्रों के साथ ही नेपाल के लोगों को भी लाभ मिल रहा है।
पूर्व मध्य रेल अपने क्षेत्र के हर कोने से रेल सेवा प्रारंभ करने के उद्देश्य से पिछले वर्ष आरा एवं राजगीर से कई ट्रेनों का परिचालन प्रारंभ किया गया है।
झारखंड से सीधी ट्रेन सेवा शुरू
धनबाद स्टेशन से मुंबई, दिल्ली, चंडीगढ, भुवनेश्वर और कोयंबटूर जैसे शहरों के लिए सीधी रेल सेवा प्रारंभ की गयी है।
पूर्व मध्य रेल ने बीते वर्ष में पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार से कुल 45 जोड़ी नई ट्रेनों का परिचालन प्रारंभ किया गया जिनमें 17 जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस, 2 जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस, 1 जोड़ी नमो भारत एक्सप्रेस तथा 25 जोड़ी नई मेल/एक्सप्रेस एवं पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं।
25 करोड़ 30 लाख लोगों ने की यात्रा
यात्रियों की संख्या में लगातार पिछले दो वर्षों में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गयी है। जहां 2024-25 के दौरान 14 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 23.09 करोड़ यात्रियों ने पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार से यात्रा की।
वहीं 2025-26 के दौरान 5.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 25.3 करोड़ यात्रियों ने रेल यात्रा की।
इससे पूर्व मध्य रेल को यात्री यातायात से अबतक का सर्वाधिक राजस्व लगभग 7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5 हजार करोड़ हो गया है।
30 हज़ार करोड़ रूपये का राजस्व
महाप्रबंधक ने बताया कि माल लदान एवं यात्री यातायात से प्राप्त आय को मिलाकर पूर्व मध्य रेल को वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 30 हजार 330 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो भारतीय रेल के सभी क्षेत्रीय रेलों में तीसरा सर्वाधिक राजस्व है।
भविष्य की कई योजनायें पाइपलाइन में
महाप्रबंधक ने भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मिशन रफ्तार के तहत दिल्ली-हावड़ा रूट पर 160 किमी प्रतिघंटे की गति से ट्रेनों के परिचालन किया जाना है।
उन्होंने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन-झाझा के मध्य लगभग 400 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेल लाईन का निर्माण किया जाना है।
मोकामा में गंगा नदी पर राजेन्द्र पुल के समानांतर एक दोहरी लाइन वाली नए पुल का निर्माण किया जा रहा है जिसका कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है तथा जून के मध्य तक इस पर परिचालन प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है।
