Hockey World Cup: भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच हॉकी विश्व कप में शानदार जुझारूपन दिखाते हुए इंग्लैंड को गोलरहित ड्रॉ पर रोक दिया।
0-0 का यह नतीजा भारत के लिए जीत से कम नहीं रहा, क्योंकि इस एक अंक के साथ टीम पूल डी में दूसरे स्थान पर रहते हुए अगले दौर में पहुंच गई है और सेमीफाइनल की उम्मीदें बरकरार हैं।
मैच से पहले भारत के 4 अंक थे और सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए उसे कम से कम ड्रॉ की जरूरत थी।
वहीं 3 अंक वाली इंग्लैंड को अगले दौर में पहुंचने के लिए हर हाल में जीत दर्ज करनी थी।
भारत ने दबाव के इस मुकाबले में शानदार संयम दिखाया।
पहले दो क्वार्टर में भारत ने आक्रामक हॉकी खेली और कई मौके बनाए।
टीम को शुरुआती 8 मिनट में ही तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले, हालांकि उन्हें गोल में नहीं बदला जा सका।
इंग्लैंड ने भी जवाबी हमले किए, लेकिन भारतीय डिफेंस ने हर प्रयास को नाकाम कर दिया।
हाफ टाइम तक दोनों टीमें 0-0 से बराबरी पर थीं।
इंग्लैंड के हमले का भारत ने किया बचाव
तीसरे क्वार्टर के बाद मुकाबले का रुख बदल गया।
इंग्लैंड ने लगातार हमले तेज कर दिए और भारतीय गोल पर दबाव बढ़ा दिया।
इंग्लैंड ने कुल 28 सर्किल एंट्री और 12 पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन भारतीय गोलकीपरों और डिफेंस ने अद्भुत धैर्य दिखाया।
सविता ने कई महत्वपूर्ण बचाव किए, जबकि बिचू देवी ने निर्णायक क्षणों में शानदार गोलकीपिंग की।
अंतिम मिनट में बिचू देवी ने बाईं ओर डाइव लगाकर इंग्लैंड का एक बेहद खतरनाक प्रयास रोक दिया।
यही बचाव भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।
इंग्लैंड ने आखिरी 5 मिनट में गोलकीपर को हटाकर अतिरिक्त फील्ड खिलाड़ी उतारा, लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति में सेंध नहीं लगा सकी।
अंतिम हूटर बजते ही भारत ने राहत की सांस ली और 0-0 का ड्रॉ सुनिश्चित कर लिया।
भारत ने मैच में छह पेनल्टी कॉर्नर और 13 सर्किल एंट्री हासिल कीं, लेकिन मुकाबले की असली कहानी उसकी रक्षात्मक मजबूती रही।
इंग्लैंड के लगातार हमलों और 12 पेनल्टी कॉर्नरों के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने आखिरी क्षण तक अपना संयम नहीं खोया।
अब अगले दौर में भारत का सामना विश्व नंबर-1 और मेजबान नीदरलैंड्स से 21 अगस्त को होगा।
इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला होगा।
भारत और चीन पूल चरण से एक-एक अंक लेकर अगले दौर में पहुंचेंगे।
भारत के लिए रास्ता मुश्किल जरूर है, लेकिन सेमीफाइनल का सपना अभी जिंदा है।
इंग्लैंड के खिलाफ गोल बचाने वाली यही दीवार अब नीदरलैंड्स और ऑस्ट्रेलिया के सामने भारत की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।
