रूस से तेल खरीदने की इजाजत, दुनिया भर में क्राइसिस के बीच अमेरिका ने दी महीने भर की छूट

US grants waiver to buy oil from Russia: ईरान में चल रहे युद्ध के कारण दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गयी हैं। इसे काबू में करना सभी देशों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। ऐसे में ट्रंप प्रशासन ने बीच का रास्ता अपनाया है। ट्रंप ने दूसरे देशों को रूस से तेल खरीदने की इजाज़त दे दी है।

भारत पहले से ही रूस से तेल ले रहा है। भारतीय अधिकारी और नेता पहले ही कह चुके हैं कि भारत को कहीं से भी तेल खरीदने के लिए किसी की इजाजत की ज़रूरत नहीं है।

इधर ईरान ने युद्ध के बीच चेतावनी दी है कि कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर तक पहुंच सकती हैं।

अमेरिका ने रखी शर्त

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने छूट से संबंधित एक लाइसेंस जारी किया है जिसके मुताबिक रूस के कच्चे तेल और पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री की जा सकती है। लेकिन सिर्फ वैसे ही पदार्थों की बिक्री की जा सकती है जो 12 मार्च की आधी रात तक समंदर में खड़े जहाजों पर लोड किये जा चुके हैं।

रूस को कितना फायदा होगा?

अमेरिका का ये कदम रूस को फायदा पहुंचाना नहीं है, बल्कि वैश्विक उर्जा बाज़ार में अस्थिरता को खत्म करना है। अमेरिका मानता है कि इससे रूस को बहुत फायदा नहीं होगा।

जलडमरूमध्य के रूट से सप्लाई ठप होने के कारण दुनिया भर में हाहाकार मचा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल आयात होता है। भारत अपनी ज़रूरत का आधा तेल इसी रास्ते से मंगाता है।

कच्चे तेल की कीमत बाज़ार में लगातार बढ़ती जा रही है। बीते दिनों 120 डॉलर प्रति बैरल की कीमत पर कच्चे तेल की कीमत पहुंच गयी थी। इधर ईरान ने चेतावनी दी है कि ये कीमतें 200 डॉलर तक पहुंच सकती हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान पश्चिमी देश मानते थे कि रूस को तेल और गैस बेचकर पैसा मिल रहा है। इसी को रोकने के लिए अमेरिका ने रूस से तेल लेने पर पाबंदी लगाना शुरू कर दिया था।