ब्लू जर्सी में आज आखिरी बार नज़र आयेंगे रोहित शर्मा, लॉर्ड्स वनडे के बाद रोहित पर संन्यास लेने के लिए बढ़ा दबाव

Cricketer Rohit Sharma last ODI: भारतीय टीम के सफलतम कप्तानों में से एक और दिग्गज क्रिकेटर रोहित शर्मा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले हैं।

इंग्लैंड दौरे पर सीरीज का आखिरी एकदिवसीय मुकाबला उनका आखिरी मुकाबला होने की प्रबल संभावना है।

टी-20 और टेस्ट से रोहित शर्मा ले चुके हैं संन्यास

रोहित शर्मा ने टेस्ट और टी-20 क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले लिया है।

अब वो सिर्फ एक दिवसीय मैचों में खेलते हैं।

रोहित शर्मा इस वक्त 39 वर्ष के हैं और अगला विश्व कप आते-आते 40 के पार पहुंच जायेंगे।

ऐसे में चयन समिति रोहित की जगह युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को मौका देना चाहता है।

सूत्रों की माने तो चयनकर्ताओं ने रोहित शर्मा को बता दिया है कि इंग्लैंड में सीरीज के बाद अब यशस्वी जायसवाल को सलामी बल्लेबाज के तौर पर मौका दिया जायेगा।

2027 में होने वाले आगामी एकदिवसीय विश्व कप के लिये चयनकर्ता रोहित शर्मा से आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।

खबर यह भी है कि कप्तान शुभमन गिल और हेड कोच गौतम गंभीर भी युवा टीम की वकालत में जुटे हैं।

यही वजह है कि रोहित शर्मा को संदेश दिया जा चुका है कि इस सीरीज के बाद वो टीम में नहीं चुने जायेंगे।

कप्तानी से हटने के बाद रोहित का प्रदर्शन

पिछले साल अपनी कप्तानी में चैंपियंस ट्रॉफी जितवाने वाले रोहित शर्मा को कप्तानी से तुरंत बाद हटा दिया गया था।

इसके बाद ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूज़ीलैंड और अफगानिस्तान के खिलाफ एक दिवसीय मैचों की सीरीज हो चुकी है।

इस दौरान ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रोहित ने शतक ज़रूर जमाया लेकिन बाकी देशों के साथ उनका प्रदर्शन औसत रहा।

इस वर्ष खेले गये 8 वन डे मैचों में रोहित के बल्ले से सिर्फ 241 रन निकले हैं।

जबरिया रिटायरमेंट का बल्लेबाजी पर पड़ रहा असर

रोहित शर्मा को जबरिया रिटायरमेंट दिये जाने का असर उनकी बल्लेबाजी पर साफ देखा जा रहा है।

हिट मैन रोहित शर्मा जिस तरह की बल्लेबाजी के लिये जाने जाते हैं।

उसका 5 फीसदी भी इंग्लैंड दौरे पर नज़र नहीं आ रहा।

उनके चेहरे पर भी प्रेशर साफ देखा जा रहा है, चाहे वह डग आउट हो या मैदान।

सचिन तेंदुलकर के साथ भी ऐसा ही हुआ था

महेन्द्र सिंह धौनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने कई मुकाम हासिल किये।

लेकिन वर्ष 2012 में सचिन तेंदुलकर को जबरन संन्यास लेने के लिए मजबूर करने वालों में से एक धौनी भी थे।

धौनी की कप्तानी में युवा टीम बनाने का हवाला देकर टीम के कई सीनियर खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया था।

यहां भी शुभमन गिल की कप्तानी में कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है।

बहरहाल, अगर आज रोहित शर्मा अपना आखिरी मैच खेलते हैं,

तो यह निश्चित रूप से भारतीय क्रिकेट के लिए एक स्वर्णिम अध्याय का अंत होगा।