‘Gift of Education’ के तहत 10वीं के विद्यार्थियों की तैयारी को मिलेगी नई दिशा, हर माह होगी 80 अंकों की परीक्षा

Gift of Education: कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा के लिए पहले से तैयार करने और उनके परीक्षा परिणाम को बेहतर बनाने के उद्देश्य से रांची जिले में एक नई पहल शुरू की गई है।

‘Gift of Education’ कार्यक्रम के तहत जिले के सभी विद्यालयों में अब बोर्ड परीक्षा के पैटर्न पर आधारित मासिक परीक्षा आयोजित की जाएगी।

इस पहल के अंतर्गत कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों की हर महीने 80 अंकों की परीक्षा होगी।

इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें बोर्ड परीक्षा के वास्तविक माहौल के लिए लगातार तैयार करना है।

पहले दिन हिंदी और विज्ञान की परीक्षा

कार्यक्रम के तहत पहले दिन हिंदी और विज्ञान विषयों की परीक्षा आयोजित की गई।

परीक्षा के लिए विद्यार्थियों को तीन घंटे का समय दिया गया।

प्रश्नपत्रों को बोर्ड परीक्षा के पैटर्न को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को अभी से बोर्ड परीक्षा जैसी परिस्थितियों में प्रश्नपत्र हल करने का अभ्यास हो सके।

नियमित परीक्षा के जरिए विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि निर्धारित समय में प्रश्नपत्र को किस तरह हल करना है, किन प्रश्नों पर कितना समय देना है और उत्तर लिखने की शैली में किन बातों का ध्यान रखना है।

अंतिम समय की तैयारी के बजाय लगातार अभ्यास

बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए अक्सर विद्यार्थी अंतिम महीनों में तैयारी का दबाव महसूस करते हैं।

ऐसे में नियमित मासिक परीक्षा की यह व्यवस्था विद्यार्थियों को पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान लगातार अभ्यास का अवसर देगी।

हर महीने होने वाली परीक्षा के बाद विद्यार्थी अपनी कमियों को पहचान सकेंगे और अगली परीक्षा तक उनमें सुधार कर सकेंगे।

इससे उनकी विषयवार तैयारी, प्रश्नों को समझने की क्षमता, उत्तर लेखन और समय-प्रबंधन का लगातार आकलन भी संभव होगा।

परीक्षा का डर कम करने पर भी जोर

बोर्ड परीक्षा विद्यार्थियों के लिए अक्सर तनाव और दबाव का कारण बनती है।

नियमित रूप से बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा देने से विद्यार्थियों में परीक्षा को लेकर झिझक कम होने की उम्मीद है।

लगातार अभ्यास के कारण विद्यार्थी धीरे-धीरे तीन घंटे में प्रश्नपत्र हल करने के अभ्यस्त होंगे।

इससे वास्तविक बोर्ड परीक्षा के दौरान उनके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हो सकती है और वे परीक्षा कक्ष में अधिक सहज होकर अपना प्रदर्शन कर सकेंगे।

विद्यार्थियों की तैयारी का नियमित मूल्यांकन

‘Gift of Education’ कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि परीक्षा केवल अंक देने या विद्यार्थियों की रैंक तय करने का माध्यम नहीं होगी।

इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश भी की जाएगी कि विद्यार्थी किन विषयों और अध्यायों में मजबूत हैं और किन क्षेत्रों में उन्हें अतिरिक्त अभ्यास की आवश्यकता है।

मासिक परीक्षा के परिणामों से शिक्षकों को भी विद्यार्थियों की सीखने की स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी।

इसके आधार पर कमजोर क्षेत्रों पर अतिरिक्त ध्यान दिया जा सकता है।

शिक्षा विभाग की पहल का उद्देश्य

यह पहल जिला शिक्षा पदाधिकारी, रांची की दूरदर्शी सोच के तहत संचालित की जा रही है।

इसका व्यापक उद्देश्य विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा के लिए शैक्षणिक रूप से तैयार करने के साथ-साथ उन्हें परीक्षा की प्रक्रिया का नियमित अभ्यास कराना है।

यानी विद्यार्थियों के लिए बोर्ड परीक्षा की तैयारी अब सिर्फ परीक्षा से कुछ महीने पहले शुरू होने वाली प्रक्रिया नहीं रहेगी, बल्कि पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान चलने वाला अभ्यास बनेगी।

लगातार अभ्यास से बढ़ेगा आत्मविश्वास

‘Gift of Education’ के तहत रांची जिले के सभी विद्यालयों में शुरू की गई यह पहल बोर्ड परीक्षा की तैयारी को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

हर महीने होने वाली 80 अंकों की परीक्षा विद्यार्थियों के लिए एक तरह से बोर्ड परीक्षा का नियमित अभ्यास मंच बनेगी।

लगातार मूल्यांकन, कमियों की पहचान और समय रहते सुधार की प्रक्रिया से विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने में मदद मिल सकती है।

आखिरकार, बोर्ड परीक्षा में सफलता केवल अंतिम दिनों की मेहनत से नहीं, बल्कि पूरे साल के नियमित अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास से हासिल होती है।

रांची में शुरू की गई यह पहल इसी सोच को जमीन पर उतारने की कोशिश है।