Increase in No. of Assemblies: अब लोकसभा में 543 सीटें नहीं रहेंगी। बिहार विधानसभा में 243 और झारखंड विधानसभा में 81 सीटें नहीं रहेंगी। इन दोनों राज्यों में लोकसभा सांसदों की सीटों में भी भारी इजाफा होने वाला है।
इस बाबत जल्द ही केंद्र सरकार सदन में बिल पेश करने वाली है।
महिला आरक्षण अधिनियम 2023 में सदन में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का कानून बनाया था। अब इसमें भी संशोधन की तैयारी की जा रही है। इससे न केवल लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ेगी बल्कि महिलाओं की एक तिहाई भागीदारी भी सुनिश्चित हो सकेगी।
संशोधित बिल के अनुसार लोकसभा में अब 543 की जगह 816 सांसद बैठेंगे। इनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जायेंगी। ठीक इसी तरह राज्य की विधानसभा में ही सीटों की सख्या बढ़ेंगी और महिलाओं के लिए रिजर्व सीटें भी बढ़ जायेंगी।
केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने इस संबंध में राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर ली है। जिसके तहत महिला सांसदों और विधायकों के लिए एक तिहाई सीट आरक्षित करने की दिशा में प्रस्ताव तैयार किया गया है। उम्मीद है कि इसी महीने के आखिर तक ये बिल सदन के पलट पर रखा जा सकता है।
केंद्र के लिए बिल पास कराना है आसान
हालांकि दोनों सदन में केंद्र सरकार बेहद मजबूत स्थिति में है। किसी भी बिल का पास कराना बेहद आसान है। अधिकतर राज्यों में भी एनडीए की या बीजेपी समर्थित सरकार है, इसीलिए वहां भी बिल पर आसानी से समर्थन मिलेगा।
लेकिन केन्द्र सरकार इस बिल पर आम सहमति बनाना चाह रही है। इसे लेकर लेकर सभी दलों के साथ बैठक का दौर जारी है। ताकि बिना किसी भी रूकावट के यह बिल आसानी से पास हो जाये।
वर्ष 2023 में महिला आरक्षण के लिए केंद्र सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास किया था। इसी कानून में संशोधन की तैयारी में केंद्र सरकार जुटी है।
ऐसी जानकारी है कि सीटों के निर्धारण के लिए वर्ष 2011 में हुए जनगणना को आधार बनाया जा सकता है। और उसी जनगणना के आधार पर सीटों का परिसीमन किया जायेगा।
एक अनुमान के मुताबिक बिहार विधानसभा में 243 की जगह 360 के आसपास सीटें हो जायेंगी। झारखंड विधानसभा में 81 की जगह 120 सीटें हो सकती हैं। उसी तरह बिहार में लोकसभा की 40 सीटों की जगह 60 सीटें और झारखंड में 14 लोकसभा सीटों की जगह 21 सीटें हो जायेंगी।
