Epstein Files: इन दिनों दुनिया में कुछ चर्चा हो रही है तो वो है एपस्टीन फाइल्स (Epstein Files)। इन फाइल्स के सार्वजनिक होते ही दुनियाभर में हड़कंप मच गया है। दुनिया के सैंकड़ों ताकतवर और दिग्गज लोगों के नाम इससे जुड़ रहे हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) से लेकर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक का इससे जुड़ रहा है, जिससे सनसनी मच गयी है। इससे पहले कि आखिर एपस्टीन फाइल्स में किनके-किनके नाम हैं।
उससे पहले यह जानते हैं कि आखिर यह है क्या और क्यों दुनियाभर के दिग्गज शख्सियतों की पेशानी पर इसने बल लगा दिया है। और कौन है वो शख्स जिसने मरने के 6 साल बाद दुनियाभर के चर्चित समाजसेवी, नेताओं, बिजनेसमैन और नामी-गिरामी हस्तियों को मुश्किल में डाल दिया है।
कौन है जेफ्री एपस्टीन?
अमेरिका में वर्ष 2008 में एक 14 वर्षीय नाबालिग के माता-पिता ने जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) पर गंभीर आरोप लगाये। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी के साथ एपस्टीन ने यौन हिंसा की और इस दौरान और भी लोगों को शामिल किया। पुलिस ने जब घर की जांच की तो वहां कई अन्य लड़कियों की तस्वीरें मिलीं।
इसके बाद एपस्टीन को यौन अपराधों के लिए दोषी माना गया और जेल भेज दिया गया। हालांकि बाद में Epstein ने आरोप लगाने वालों से समझौता कर लिया जिसके कारण वो जल्द ही रिहा हो गया।
इसके बाद वर्ष 2019 में एपस्टीन पर आरोप लगा कि वो नाबालिग लड़कियों का सेक्स रैकेट चला रहा है। इसके बाद फिर से उसे जेल भेज दिया गया। हालांकि ट्रायल के दौरान उसकी मौत भी हो गयी। एपस्टीन की मौत संदेह के घेरे में है। आत्महत्या या हत्या की गुत्थी आज भी उलझी है। लेकिन पुलिसिया जांच के दौरान एपस्टीन के कारनामों से जुड़े दस्तावेजों के एक संग्रह को पुलिस ने तैयार किया।
इन दस्तावेजों में बताया गया कि एपस्टीन ने दुनियाभर के कुछ ऐसे लोगों की लिस्ट तैयार कर रखी थी जिन्हें वह नाबालिग बच्चियों की तस्करी करता था। और इस लिस्ट का उपयोग वह उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए करता था।
कई वीडियो और तस्वीरों में एपस्टीन के एक प्राइवेट द्वीप (Private Island) की बेहद हिंसात्मक रूप भी सामने आई है। उनमें छोटी-छोटी बच्चियों के साथ यौन शोषण के अलावा उनके साथ अमानवीय व्यवहार भी दिखाया गया है। हालांकि हम इस वीडियो और तस्वीरों की पुष्टि नहीं करते।
क्या है एपस्टीन फाइल्स?
एपस्टीन फाइल्स करीब 60 लाख पेज का एक कलेक्शन है जिसमें फोटो, वीडियो और कई दस्तावेजों मौजूद हैं। इनमें जेफ्री एपस्टीन से संबंध रखने वाले दुनियाभर की हस्तियों के नाम शामिल हैं, साथ ही उनकी आपराधिक और अन्य गतिविधियों की जानकारी है।
इनमें नाबालिग बच्चियों की तस्करी का ब्यौरा, उन बच्चियों के साथ अमानवीय व्यवहारों के दृश्य और जानकारी साथ ही दुनियाभर के उच्च प्रोफाइल वाले व्यक्तियों के नाम होने का दावा किया जा रहा है। इसी के आधार पर जेफ्री एपस्टीन सभी को ब्लैकमेल भी करता था।
वर्ष 2024 में राष्ट्रपति चुनाव प्रचार अभियान के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प ने यह संकेत दिया था कि राष्ट्रपति बनने के बाद वे एपस्टीन फाइलों को सार्वजनिक करेंगे। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि ये फाइलें उनके विपक्ष के सदस्यों की तरफ से बनायी गयी एक मनगढ़ंत दस्तावेज है।
संयुक्त राज्य प्रतिनिधि सभा ने 18 नवंबर 2025 को एपस्टीन फाइल्स को जारी करने का अधिनियम पारित किया और इसके बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिये। 19 नवंबर 2025 तक केवल सीमित दस्तावेज ही जारी किया गया, जिसके बाद दोनों दलों की जमकर आलोचना होने लगी।
इसके बाद 30 जनवरी 2026 को 30 लाख पेजों वाला दस्तावेज जारी किया गया जिनमें करीब 2 हज़ार वीडियो और लगभग 1 लाख 80 हज़ार तस्वीरें जारी की गयी। ये सार्वजनिक होते ही दुनियाभर में हड़कंप मचा। सूची में नार्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे मारित, ऐण्डू माउण्टबैटन-बिन्डसर और सारा फर्ग्युसन जैसी हस्तियों के नाम शामिल थे। अब तक सार्वजनिक हुए दस्तावेजों में और भी कई बड़े नाम सामने आये हैं।
उनमें किंग चार्ल्स के भाई एंड्रयू माउंटबेटन, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन (Bill Clinton), एलन मस्क (Elon Musk), रूसी राष्ट्रपति ब्लामादिर पुतिन (Vladimir Putin), भारतीय उद्योगपति अनिल अंबानी (Anil Ambani), बिल गेट्स (Bill Gates) और माइकल जैक्सन (Michael Jackson) जैसे कई नाम भी शामिल हैं।
दावा किया जा रहा था कि जेफ्री एपस्टीन से भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी मुलाकात हो चुकी है। हालांकि विदेश मंत्रालय ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है।
इसके अलावा भारत के कई दिग्गज बिजनेसमैन, खिलाड़ी, राजनेता और समाजसेवा से जुड़े शख्सियतों का नाम होने की बात भी कही जा रही है।दरअसल जेफ्री एपस्टीन के यहां काम करने वाले उसके एक कर्मचारी ने एक पुस्तक चुराया। उस पुस्तक में एपस्टीन से जुड़े लोगों के नाम, फोन नंबर, ई-मेल और पते थे।
इस पुस्तक का नाम एपस्टीन की लिटिल ब्लैक बुक कहा गया। हालांकि दावा किया गया कि इसमें सम्मिलित फोन नंबर जेफ्री एपस्टीन के ग्राहकों के नहीं थे, बल्कि जिनसे भी एपस्टीन की मुलाकात होती थी उनके नाम, नंबर और पते लिखे जाते थे। साथ ही एपस्टीन के लिए काम करने वाले माली, नाई, हेयर ड्रेसर और बिजली मिस्त्री से लेकर सभी कर्मचारियों के नाम शामिल थे।
जेफ्री एपस्टीन की ब्रिटिश साथी और पूर्व प्रेमिका गिसलेन मैक्सवेल ने इस सूची को बनाया था। जांच में यह बात भी सामने आई कि एपस्टीन ने इस सूची का इस्तेमाल ब्लैकमेल के लिए किया इसका कोई आधार नहीं मिल पाया है।
दुनियाभर में क्यों मचा है हड़कंप?
फाइल्स सार्वजनिक होने के बाद दुनिया भर के 10 से ज़्यादा देशों में इस्तीफों और पद छोड़ने का दौर शुरू हो गया है। वहीं 100 से ज़्यादा बेहद ताकतवर लोगों पर जांच बैठ गयी है। स्लोवाकिया (Slovakia), इंग्लैंड (England), नार्वे, स्वीडन, फ्रांस, पोलैंड, लातविया, तुर्किये और अमेरिका (America) जैसे कई देशों में हड़कंप मचा हुआ है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पर इस्तीफे का दबाव बन रहा है।
मामले की जांच कर रही FBI के पास 300 जीबी से ज़्यादा डाटा, दस्तावेज और सबूत मौजूद हैं। लेकिन कानून पीड़ितों की तस्वीरें सार्वजनिक करने की इजाजत नहीं देता, इसीलिए बहुत सी जानकारियां, तस्वीरें और वीडियो अभी सार्वजनिक नहीं किये गये हैं।
एपस्टीन भले ही अब इस दुनिया में न हो, लेकिन उसकी फाइलें विश्व की कई सरकारों, नेताओं, व्यवसायियों और जानी-मानी हस्तियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। इस खुलासे के बाद आमलोगों के जेहन में कई सवाल तैर रहे हैं।
क्या ऐसे घिनौने कारनामों के पीछे सिर्फ एपस्टीन और मैक्सवेल ही थे। और इतनी हाई सिक्यूरिटी के बावजूद उसने जेल में आत्महत्या कैसे कर ली।
