टेक्नोलॉजी बन रही है इमोशन्स का रिप्लेसमेंट? Kissenger ने छेड़ी नई बहस

Kissenger Gadget: आज की दुनिया में तकनीक ने लोगों को दूर रहकर भी जोड़े रखा है। अब वैज्ञानिकों ने एक ऐसा उपकरण बनाया, जो चुंबन (Kiss) को भी दूर से महसूस करा सकता है। इस उपकरण का नाम Kissenger है।

यह एक छोटा सा गैजेट है जो मोबाइल फोन से जुड़ जाता है। इसमें मुलायम और दबाव महसूस करने वाले Sensor लगे होते हैं। जब कोई व्यक्ति इस डिवाइस को चूमता है, तो यह चुंबन की गति और दबाव को रिकॉर्ड कर लेता है।

फिर यह वही एहसास तुरंत दूसरे व्यक्ति के पास मौजूद उसी तरह के डिवाइस में भेज देता है। इससे ऐसा लगता है जैसे दोनों लोग दूर होते हुए भी एक-दूसरे के करीब हैं।

क्यों इसकी जरूरत पड़ी ?

दसअसल, वैज्ञानिक यह जानना चाहते थे कि क्या तकनीक सिर्फ मैसेज, आवाज या वीडियो ही नहीं, बल्कि स्पर्श के जरिए भी भावनाएँ पहुँचा सकती है। उनका मानना था कि शारीरिक स्पर्श रिश्तों में बहुत महत्वपूर्ण होता है।

इसलिए Kissenger को खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया जो दूर रहते हैं और एक-दूसरे को याद करते हैं।

 

Kissenger ने छेड़ी नई बहस

हालाँकि यह डिवाइस बहुत ज़्यादा लोकप्रिय नहीं हुआ, लेकिन इसने दुनिया भर में यह चर्चा शुरू कर दी कि भविष्य में तकनीक रिश्तों और भावनाओं को कैसे बदल सकती है। क्योंकि कभी-कभी लोग सिर्फ “मैं तुम्हें याद करता हूँ” सुनना नहीं चाहते, वे उसे महसूस भी करना चाहते हैं।

लेकिन महसूस करने का तरीका अगर तकनीक हो, तो क्या रिश्तों में वो प्यार बरकरार रह सकेगा।

रिश्तों में इंसानी अहमियत कम!

तकनीक ने दुनियाभर में मानव का काम आसान किया। लेकिन चर्चा का विषय अब यह है कि, क्या वास्तव में काम आसान हुआ है या यह ह्यूमन रिप्लेसमेंट बनता जा रहा है।

क्या प्यार में भी तकनीक को अहम स्थान देना जरूरी है। क्या वाकई अपने पार्टनर को महसूस करने के लिए भी किसी Gadget की जरूरत पड़नी चाहिए।