IPL Failure Captains: किसी भी क्रिकेट टीम में कप्तान की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है।
कप्तान सिर्फ टॉस करने वाला खिलाड़ी नहीं होता, बल्कि पूरी टीम को मैदान में सहेजने और संभालने की जिम्मेदारी एक कप्तान की ही होती है।
कप्तान की मुख्य भूमिका
टीम का नेतृत्व करनाः कप्तान टीम का नेतृत्व करते हुए खिलाड़ियों को प्रेरित करता है टीम में आत्मविश्वास बनाये रखता है।
मैदान पर रणनीति बनानाः फिल्डिंग कहां और कैसे लगेगी, कौन सा खिलाड़ी किस स्थान पर फिल्डिंग करेगा, कौन कब गेंदबाजी करेगा, बल्लेबाजी क्रम क्या होगा, ये सारी जिम्मेदारी कप्तान की ही होती है।
टॉस के बाद निर्णय लेनाः टॉस जीतने के बाद गेंदबाजी या बल्लेबाजी का फैसला भी कप्तान को ही लेना पड़ता है।
खिलाड़ियों का सही इस्तेमालः किस खिलाड़ी से किस समय बेहतर प्रदर्शन मिल सकता है, कप्तान यह सोच समझकर उस खिलाड़ी को मौका देता है।
अंपायर और कोच से बातचीतः मैदान पर टीम की ओर से कप्तान ही अंपायर से बात करता है और कोच की रणनीति को मैदान पर लागू करता है।
अनुशासन बनाये रखनाः टीम में अनुशासन और एकता बनाये रखने की जिम्मेदारी भी कप्तान की ही होती है।
खिलाड़ियों के सामने उदाहरण पेश करनाः एक बेहतर कप्तान अपने खेल, प्रदर्शन और व्यवहार से बाकी खिलाड़ियों के लिए एक मिसाल बनता है।
कुल मिलाकर कहा जाये तो एक कप्तान न सिर्फ टीम का कमांडर होता है बल्कि उसके उपर टीम के बेहतर प्रदर्शन की जिम्मेदारी भी होती है।
कप्तान खुद बेहतर प्रदर्शन कर दूसरों के लिए मिसाल पैदा करता है।
आईपीएल के सीजन-19 में कई टीम ऐसे रहे जिनके कप्तान के खेल का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। उनके कई फैसले भी मैच के दौरान हार का कारण बने या यूं कहें कि चौंकाने वाले रहे।
उनमें से कुछ कप्तानों की टीम ने अन्य खिलाड़ियों के दम पर बेहतर प्रदर्शन किया, तो कुछ टीम फिसड्डी साबित हो गयी।
ऐसे में उन टीमों के कप्तानों की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है।
आईये जानते हैं कि कौन-कौन सी टीम के कौन कप्तान हैं जो संभवतः अगले आईपीएल में कप्तान के रूप में नज़र न आयें।
सीएसके के कप्तान रुतुराज गायकवाड़
चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ का इस आईपीएल में प्रदर्शन बेहद ही औसत रहा।
रन बनाने के लिए वो हर मैच में संघर्ष करते दिखायी दिये।

लीग के 14 मुकाबलों में उन्होंने 28.08 के एवरेज से सिर्फ 337 रन बनाये।
इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 123.44 ही रहा।
लीग के 14 में से 8 मैचों में हार ने चेन्नई को प्लेऑफ से दूर रखा।
एलएसजी के कप्तान ऋषभ पंत
आईपीएल के सीजन 19 में ऋषभ पंत का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा।
27 करोड़ की भारी कीमत पर लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें खरीदा था।
इतना ही नहीं, लखनऊ ने उन्हें अपनी टीम की कमान भी सौंपी।
लेकिन पंत बल्लेबाजी और कप्तानी हर मोर्चे पर संघर्ष करते नज़र आये।

पंत की बल्लेबाजीः पूरे सीजन में पंत ने 14 मैच खेला, जिसमें उन्होंने कुल 312 रन बनाये।
इस दौरान उनका एवरेज 25.77 और स्ट्राइक रेट 135.08 रहा।
टीम का प्रदर्शनः लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन आईपीएल में बेहद खराब रहा।
14 लीग मैचों में सिर्फ 4 मुकाबलों में जीत मिली और 10 मैचों में हार का सामना करना पड़ा।
अंक तालिका में टीम सबसे निचले पायदान पर रही।
कप्तानी और विवादः पंत की कप्तानी में टीम का लड़खड़ाना जारी रहा।
खराब फैसलों और लगातार हार के कारण उनपर दबाव भी देखा गया।
एक मैच में हार के बाद एक विवादित वीडियो सामने आया जिसमें वे अपना आपा खोते और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते दिखे थे।
टीम मैनेजमेंट का संकेतः लखनऊ के टीम मैनेजमेंट में टॉम मूडी और अन्य ने अगली बार बड़े बदलाव के संकेत दिये हैं।
पूरी संभावना है कि पंत को अगली बार टीम से बाहर का रास्ता दिखाकर किसी दूसरे को कप्तानी की जिम्मेदारी दी जाये।
मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या
आईपीएल सीजन 19 में मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा।
इस सीजन में वे सिर्फ 146 रन बना सके और गेंदबाजी में केवल 4 विकेट ही लिये।

मैदान में निराशाः हार्दिक पर खराब प्रदर्शन का दबाव मैदान पर भी दिखा।
कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मैच के दौरान उन्होंने स्टंप्स की बेल्स गिरा दी थी, जिसके कारण उनपर फीस का 10 फीसदी जुर्माना और एक डिमेरिट अंक लगा।
टीम का प्रदर्शनः पूरे प्रतियोगिता में मुंबई इंडियंस की टीम लगातार संघर्ष करती नज़र आयी।
10 मैचों में से सिर्फ 4 में जीत और 8 में हार का सामना करना पड़ा।
अंक तालिका में नीचे से दूसरे पायदान पर मुंबई इंडियंस रही।
उम्मीद है कि अगली बार उन्हें टीम की कमान देने से पहले मुंबई इंडियंस मैनेजमेंट कई बार सोचे।
संभावना यह भी है कि उन्हें टीम से रिलीज किया जा सकता है।
दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल
आईपीएल सीजन 19 में दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव निराशाजनक रहा।
इस सीजन में अक्षर ने शुरूआत 10 मैचों में सिर्फ 44 रन बनाये।
बाकी के 4 मैचों में एक में 56 और 1 में 39 रनों का योगदान दिया।

पूरे सीजन के दौरान उन्होंने सिर्फ 176 रन बनाये।
गेंदबाजी में भी वो सिर्फ 8 विकेट ही चटका पाये।
14 मैच में 7 में जीत और 7 में हार के साथ टीम प्लेऑफ से दूर अंक तालिका में छठे स्थान पर रही।
संभावना है कि अगले सीजन में अक्षर पटेल की जगह अनुभवी केएल राहुल या किसी अन्य को टीम की कमान दी जा सकती है।
केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे
आईपीएल के इस सीजन में अंजिक्य रहाणे के हाथ में कोलकाता नाइट राइडर्स की कमान थी।
3 बार की चैंपियन केकेआर ने शुरूआती 6 मुकाबलों में से 5 गंवा दिया था।
उसके बाद टीम ने ज़बरदस्त वापसी की और अगले 8 में से 6 मुकाबले जीते।

रहाणे ने 14 मैंचों में 135 के स्ट्राइक रेट से 335 रन बनाये।
हालांकि सलामी बल्लेबाज के तौर पर यह स्ट्राइक रेट औसत से भी कम है।
हालांकि आखिरी मैच से पहले तक टीम प्लेऑफ की रेस में बनी हुई थी।
लेकिन 14 मैच में 6 जीत और 7 हार के साथ टीम ने सातवें स्थान पर अपना सफर खत्म किया।
इस बार टीम मैनेजमेंट न सिर्फ अपने कप्तान बल्कि कई खिलाड़ियों को रिलीज कर सकता है।
राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग
रियान पराग को पहली बार राजस्थान रॉयल्स ने टीम की कमान सौंपी।
लीग मैचों के दौरान रियान पराग का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा।
एक कप्तान के तौर पर उनकी फॉर्म बेहद खराब रही और वे रन बनाने के लिए जूझते दिखे।

कप्तानी और फॉर्मः रियान पराग एक ऑलराउंडर रहे हैं और बेहतर खेल का प्रदर्शन करते रहे हैं।
इसी को देखकर उनको राजस्थान रॉयल्स की जिम्मेदारी दी गयी।
लेकिन बल्लेबाजी में वे संघर्ष करते नज़र आये जबकि गेंदबाजी उन्होंने कभी-कभी ही की।
वेपिंग विवादः ड्रेसिंग रूम में रियान पराग वेपिंग करते नज़र आये। जिसके कारण उनपर मैच का 25 फीसदी जुर्माना भी लगाया गया था।
चोट के कारण वे 2 मैच खेल भी नहीं पाये थे।
निजी प्रदर्शनः लीग के 12 मैचों में 24.72 के एवरेज से उन्होंने सिर्फ 272 रनों का योगदान दिया।
इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 152.80 रहा।
टीम का प्रदर्शनः वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जायसवाल और ध्रुव जुरेल की बल्लेबाजी की बदौलत टीम का प्रदर्शन बेहतर रहा।
गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर, रवि बिश्नोई, नांद्रे बर्गर ने टीम को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।
जब भी इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन खराब रहा, टीम ने मुकाबला गंवाया।
राजस्थान रॉयल्स भले ही प्लेऑफ में क्वालीफाई कर गयी लेकिन इसमें काफी हद तक दूसरी टीमों (पंजाब किंग्स, चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स) के प्रदर्शन का भी सहयोग रहा।
शुरूआती 4 मैचों में शानदार जीत के साथ शुरूआत करने वाली राजस्थान आगे के मैचों में संघर्ष करती दिखी।
ऐसे में रियान पराग की कप्तानी पर भी खतरा मंडरा रहा है।
संभव है कि अगली बार युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को टीम की कमान सौंपी जा सकती है।
