LPG cylinder: अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में कंपनियों ने 1 मई की सुबह ऐसा विस्फोट किया है कि इसकी गूंज पूरे बाज़ार में सुनाई देने लगी है।
दरअसल कमर्शियल सिलिंडर की कीमतों में भारी इजाफा किया गया है। एक ही झटके में कीमत 993 रूपये बढ़ा दी गयी है।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर खाने-पीने का व्यवसाय करने वाले लोगों की सेहत पर पड़ेगा।
उनमें होटल, रेस्टोरेंट, छात्रों का पीजी या हॉस्टल चलाने वाले और छोटे-छोटे ठेले-खोमचे या वेंडरों को पड़ेगा।
कमर्शियल गैस की किल्लत से पहले ही लोगों की अभी तक राहत नहीं मिली है। ऐसे में कीमत में बढ़ोतरी ने दोहरी मार कर दी है।
क्यों बढ़ी कीमत?
वैश्विक बाज़ार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें आसमान तक पहुंच गयी हैं।
एक तरफ तेल कंपनियों के घाटे को रोकना, दूसरी तरफ आम आदमी की जेब पर बोझ न पड़े। इन दोनों के लिहाज से सरकार ने सिर्फ व्यवसायिक गैसों की कीमतों में इजाफा किया है।
इसका असर क्या होगा?
आम लोगों की रसोई में इसका कोई असर नहीं होगा।
बाहर खाना थोड़ा महंगा होगा, खाने की कीमतों में थोड़ा इजाफा हो सकता है।
हर राज्य में अलग-अलग कीमतें
हर राज्य की सरकारों के वैट के आधार पर वहां की कीमतों में अंतर है।
दिल्ली उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र में 993 की बढ़ोतरी, पश्चिम बंगाल में 994 रूपये, राजस्थान में 1068 रूपये, तमिलनाडु में 991 रूपये, बिहार में 996 रूपये की बढ़ोतरी हुई है।
एक तरफ बड़ी राहत बरकरार
संभावना जतायी जा रही थी कि चुनाव खत्म होते ही महंगाई की मार आम लोगों को झेलनी पड़ सकती है।
पेट्रोल-डीजल के साथ घरेलु गैस की कीमतों में बढ़ोतरी की खबरें कई मीडिया हाउस में चल रहे थे।
लेकिन इस मामले में आमलोगों को बड़ी राहत मिली है।
न ही घरेलु गैस की कीमतों में इजाफा हुआ है और न ही पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाई गयी हैं।
करीब 80 फीसदी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कीमतें नहीं बढ़ाई गयी हैं।
