Say No to Drugs, Yes to Life: रोटरी क्लब ऑफ रांची साउथ ने “Say No to Drugs and Yes to Life” विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज को नशे के भयावह दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त युवा और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान करना था।
इस कार्यक्रम को CID, झारखंड, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) तथा ड्रग कंट्रोल विभाग का सहयोग एवं सहभागिता प्राप्त हुई।
कार्यक्रम में Rtn. Atul Gera, Assistant Director, Drug Control Department, Rizwan Ansari एवं उनकी CID टीम, DLSA के प्रतिनिधि तथा Rotary Club of Ranchi South के Rotarians Rtn. S.K. Giri, Rtn. Neeraj Sinha, Rtn. Dr. Akhilesh Kumar एवं Rtn. Rathin Bhadra उपस्थित रहे।
रथिन भद्र: “नशे के खिलाफ लड़ाई को जन-आंदोलन बनाना होगा”
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए Indian Startup Association के National President Rtn. Rathin Bhadra ने स्वामी विवेकानंद के शिकागो में दिए गए ऐतिहासिक भाषण का उल्लेख किया, जिसकी शुरुआत “Sisters and Brothers of America” जैसे ऐतिहासिक शब्दों से हुई थी।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संदेश केवल एक भाषण नहीं था, बल्कि समाज को जागृत करने, युवाओं को प्रेरित करने और मजबूत राष्ट्र के निर्माण का आह्वान था।
रथिन भद्र ने नशे के खिलाफ लड़ाई की तुलना Rotary के पोलियो उन्मूलन अभियान से करते हुए कहा कि जब समाज एकजुट होकर संकल्प लेता है, तो असंभव दिखाई देने वाली चुनौतियों को भी समाप्त किया जा सकता है।
नशे के खिलाफ हथियार बन सकती है Innovation और Entrepreneurship
Indian Startup Association के National President के रूप में रथिन भद्र ने विद्यार्थियों से पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर Innovation, Technology और Entrepreneurship के माध्यम से नशे की समस्या के समाधान खोजने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि युवा ऐसी तकनीकी, सामाजिक और सामुदायिक पहल विकसित कर सकते हैं, जो नशे की रोकथाम, जागरूकता, जोखिम में पड़े युवाओं की पहचान और पुनर्वास में सहायता कर सके।
नशामुक्त पीढ़ी के निर्माण का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में रथिन भद्र ने विद्यार्थियों से स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरणा लेकर नशे के खिलाफ व्यक्तिगत संकल्प लेने का आह्वान किया।
उन्होंने विद्यार्थियों से कई बिंदुओं पर संकल्प लेने को कहा।
– स्वयं कभी अवैध नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे।
– किसी अन्य व्यक्ति को नशे के लिए प्रेरित नहीं करेंगे।
– नशीली दवाओं के दुरुपयोग या अवैध गतिविधि को देखकर चुप नहीं रहेंगे।
– नशे के प्रति संवेदनशील या प्रभावित मित्रों की सहायता करेंगे।
– शिक्षा, स्वास्थ्य, गरिमा, innovation और राष्ट्र निर्माण को प्राथमिकता देंगे।
– नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देंगे।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति की मदद करना शर्म की बात नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी और सामाजिक कर्तव्य है।
समाज से सामूहिक आह्वान
Rotary Club of Ranchi South ने अभिभावकों, शिक्षकों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों, कानून-प्रवर्तन एजेंसियों और युवाओं से मिलकर ऐसा वातावरण बनाने की अपील की, जहां नशे की समस्या को गंभीर रूप लेने से पहले ही रोका जा सके।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि जागरूकता, समय पर हस्तक्षेप, परिवार का सहयोग, शिक्षा, कानून का प्रभावी पालन, पुनर्वास और युवाओं की भागीदारी, इन सभी को साथ लेकर ही नशामुक्त समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम का समापन एक सामूहिक संदेश के साथ हुआ।
नशे को ना कहें।
जीवन को हां कहें।
शिक्षा को हां कहें।
Innovation को हां कहें।
एक मजबूत भारत को हां कहें।
