Jharkhand Hockey Rising: झारखंड ने हॉकी के मैदान पर एक और गौरवशाली उपलब्धि हासिल की है।
रांची जिले के हरदाग की रहने वाली नीतू कुमारी महतो अंतर्राष्ट्रीय हॉकी अंपायर के रूप में क्वालीफाई कर झारखंड की दूसरी महिला अंतर्राष्ट्रीय अंपायर बन गई हैं।
नीतू कुमारी महतो आज जापान के काकामिगाहारा में 29 मई से 6 जून तक आयोजित हो रहे U-18 एशिया कप में अंपायरिंग के लिए रवाना हो गई हैं।
हॉकी से जुड़ा है पूरा परिवार
नीतू कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में झारखंड टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
उनके घर में हॉकी विरासत की तरह है।
उनकी माता दुलारी टोपनो खुद राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी रही हैं और वर्तमान में हुलंडू में कोच हैं।
नीतू की प्राथमिक हॉकी कोच भी उनकी माता दुलारी टोपनो ही थीं।
चार बहनों और एक भाई के परिवार में नीतू समेत चार सदस्य हॉकी खिलाड़ी हैं।
दो बहनें कंचन कुमारी, रानी कुमारी और छोटा भाई विजय महतो भी हॉकी खेलते हैं।
विजय वर्तमान में लखनऊ में हैं। पिता कमल महतो हरदाग में होटल चलाते हैं।
हॉकी झारखंड के पदाधिकारियों ने दी बधाई
झारखंड हॉकी के अध्यक्ष भोलानाथ सिंह ने कहा कि झारखंड में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की भरमार है, लेकिन सभी को भारतीय टीम में जगह देना संभव नहीं।
इसलिए हॉकी झारखंड खिलाड़ियों कोचिंग और ऑफिशिएटिंग लाइन से भी जोड़ रहा है।
नीतू ने मेहनत के बल पर अंपायरिंग में अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचकर अन्य खिलाड़ियों के लिए रास्ता खोला है।
हॉकी झारखंड के महासचिव विजय शंकर सिंह ने कहा कि नीतू बचपन से ही बेहतरीन खिलाड़ी रही हैं।
मैदान में भी शानदार रहीं और अब अंपायरिंग में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।
हॉकी झारखंड के उपाध्यक्ष मनोज कोनबेगी ने नीतू के साथ उनकी माता दुलारी टोपनो को भी बधाई दी।
उन्होंने कहा कि दुलारी टोपनो हमेशा अपने बच्चों को खेल से जोड़ने के लिए प्रयासरत रहीं।
आज उनके चार बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर खेलते हैं और बेटी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच रही हैं।
जब नीतू का खेल ढलान पर आया तो उन्होंने बेटी को अंपायरिंग अपनाने की सलाह दी, जिसका नतीजा आज सामने है।
हॉकी झारखंड के अन्य पदाधिकारियों और खिलाड़ियों ने भी नीतू कुमारी महतो को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
इससे पहले झारखंड की पहली महिला अंतर्राष्ट्रीय हॉकी अंपायर आश्रिता लकड़ा थीं, जो वर्तमान में हॉकी झारखंड की कोषाध्यक्ष हैं।
वे कई अंतर्राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताओं में अंपायरिंग कर चुकी हैं और वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय तकनीकी अधिकारी भी हैं।
