Bihar Politics: बिहार की राजनीति ने नया करवट लेना शुरू कर दिया है। चर्चा का बाज़ार गर्म है और इन चर्चाओं को मूर्त रूप देने के लिए गहमागहमी हर जगह दिख रही है। JDU दफ्तर से लेकर BJP कार्यालय तक नेताओं की कानाफूसी जारी है।
नीतीश कुमार के इस्तीफा देने के बाद बिहार की गद्दी कौन संभालेगा यह सबसे बड़ा सवाल है। बिहार में हुए 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी 89 सदस्यों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी।
वहीं दूसरी सबसे बड़ी पार्टी जेडीयू 85 सदस्यों के साथ थी। नीतीश के साथ गठबंधन में जब से एनडीए की सरकार चल रही है तब से नीतीश के नेतृत्व में ही एनडीए चुनाव लड़ रहा है। बीजेपी की सीटें हमेशा जेडीयू से ज़्यादा रही, बावजूद इसके प्रदेश की कमान नीतीश कुमार के हाथों में ही रही।
अब जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे तो ज़ाहिर है बीजेपी बिहार के कमांडर की कुर्सी पर न सिर्फ दावा कर सकती है बल्कि उसे अपने पाले में रखना चाहेगी।
ऐसे में सवाल यह है कि अगर नीतीश ने गद्दी छोड़ी तो बिहार का अगला सीएम कौन बनेगा।
साथ ही बिहार कैबिनेट में जेडीयू की भूमिका क्या रहेगी। क्योंकि NDA गठबंधन में चिराग पासवान, जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी भी शामिल है।
मुख्यमंत्री पद से नीतीश के इस्तीफा देते ही पूरी कैबिनेट भंग हो जायेगी।
नये कैबिनेट का गठन, बड़ी जिम्मेदारी
नये कैबिनेट का गठन एक बड़ी जिम्मेदारी होगी। JDU को डिप्टी सीएम के साथ ही बड़े मंत्रालय मिल सकते हैं। नया फार्मूला और नई रणनीति बनाने में पार्टी के नेता लग चुके हैं।
कैबिनेट भंग होने के बाद एनडीएन (NDA) को फिर से अपना नेता चुनना होगा। अब यह नेता बीजेपी का होगा या जेडीयू का होगा ये तो इंतज़ार करना पड़ेगा। इसमें कोई शक नहीं कि नीतीश कुमार ने अपने शासनकाल के दौरान बिहार की राजनीति में एक बड़ी छाप छोड़ी है।
ऐसे में उनके उत्तराधिकारी की तलाश आसान नहीं होगी।
इधर अमित शाह बिहार दौरे पर पटना आ रहे हैं। वे BJP अध्यक्ष नितिन नवीन के नामांकन में शामिल होंगे। साथ ही नीतीश कुमार के अलावा बीजेपी और जेडीयू के कई नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं।
बहरहाल सीएम पद की रेस में जो सामने नज़र आ रहे हैं उनमें तीन नाम प्रमुख हैं।
उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी

सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) BJP विधायक दल के नेता हैं। संगठन में उनकी मजबूत पकड़ है। प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने बीजेपी को बिहार में एक मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए आरजेडी के साथ राजनीति शुरू की और मंत्री भई रहे। बाद में जेडीयू और फिर बीजेपी में शामिल हो गये। वर्तमान में वे राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री हैं।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा

सम्राट चौधरी के साथ सीएम बनने की रेस में विजय कुमार सिन्हा (Vijay Kumar Sinha) भी शामिल हैं। वे वर्ष 2005 से लखीसराय के विधायक हैं। आरएसएस के जरिये छात्र राजनीति से आगे बढ़कर वे विधानसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं।
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार

बिहार के सीएम नीतीश के बेटे निशांत (Nishant Kumar) को भी सीएम के दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि राजनीति में उनकी सक्रियता नहीं रही है ऐसे में उनकी दावेदारी बेहद कमजोर मानी जा रही है।
लेकिन नीतीश कुमार अपनी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के समय निशांत ने अपने पिता को एनडीए का सीएम फेस बताते हुए समर्थन भी किया था। हाल ही के दिनों में निशांत थोड़े सक्रिय नज़र आ रहे हैं। पार्टी कार्यालय के पास उनकी तस्वीरें इस बात का संकेत दे रही हैं कि वे राजनीति में आने के लिए तैयार हैं।
