Bihar Cricket Player: बिहार क्रिकेट में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी अपने बल्ले से पूरी दुनिया में धमाल मचा रहे हैं।
अब एक और खिलाड़ी है जिसने अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा है।
यह खिलाड़ी ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी से कहीं ज़्यादा खतरनाक है।
मैदान- भागलपुर का सैंडिस ग्राउंड
मैच- बिहार क्रिकेट एसोसिएशन का अंडर-19 मुकाबला
तारीख- 18 जून, 2026
मैच के दौरान टीम ए ने पहले बल्लेबाजी शुरू की।
अचानक सलामी बल्लेबाजी के उतरी एक खिलाड़ी ने गेंदबाजों की जमकर पिटायी शुरू कर दी।
मैदान के हर छोर पर गेंद सीमा रेखा के पार जाने लगी।
15 वर्षीय युवा खिलाड़ी गेंदबाजों के लिए काल का रूप ले लिया था।
महज 16 गेंदों में उसने अपना अर्धशतक पूरा किया और फिर अगले 18 गेंदों में अपना शतक।
34 गेंदों में शतक जमाने के बाद भी ये खिलाड़ी यहीं नहीं रूकी बल्कि गेंदबाजों की पिटायी जारी रखी।
देखते ही देखते उसने अपना दोहरा शतक पूरा कर लिया।
न गेंदबाजों को कुछ समझ आ रहा था और न ही क्षेत्ररक्षण कर रहे खिलाड़ियों को कि वो मैदान में किस जगह फिल्डिंग करें।
ये खिलाड़ी यहीं पर रूकने वाली नहीं थीं, न उनका मन भरा था और न ही रनों की भूख कम हुई थी।
ताबड़तोड़ पिटायी के बीच तिहरा शतक पूरा करने में उस खिलाड़ी को थोड़ा भी वक्त नहीं लगा।
आखिरकार महज़ 126 गेंदों पर इस खिलाड़ी ने 306 रनों का तूफानी पारी खेली।
अपनी पारी के दौरान उसने 55 चौके और 8 छक्के जड़े। स्ट्राइक रेट भी 242.86 का रहा।
मैच देख रहे दर्शक और ऑफिशियल हर कोई इस युवा खिलाड़ी के प्रदर्शन के बाद उसे देखने और उसके बारे में जानने को इच्छुक था।
वो युवा खिलाड़ी थी बिहार के रक्सौल की रहने वाली 15 वर्षीय अक्षरा गुप्ता।
रक्सौल के डंकन रोड स्थित सुंदरपुर मोहल्ले में पली-बढ़ी अक्षरा ने 6 वर्ष की उम्र से ही बल्ला थाम लिया था।
अक्षरा के चाचा स्थानीय स्तर पर क्रिकेट खेला करते थे।
उन्होंने घर में ही नेट लगाकर सीमित संसाधनों के बीच अक्षरा को प्रशिक्षण देना शुरू किया।
कम संसाधन के बावजूद अक्षरा ने क्रिकेट के पटल पर अपनी पहचान बनायी है।
हालांकि यह सिर्फ शुरूआत है। वो दिन दूर नहीं जब भारतीय टीम में स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर जैसे खिलाड़ियों के बीच अपने राज्य और देश का डंका बजा रही होंगी।
