JDU legislative party leader: नीतीश कुमार के सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद से ही जेडीयू मे विधायक दल के नेता का पद खाली हो गया था।
नई सरकार के गठन से पहले ही जेडीयू की बैठक बुलायी गयी थी, लेकिन नेता का चुनाव नहीं हो पाया था।
सोमवार को भी जेडीयू की बड़ी बैठक नेता चुनने के लिए बुलायी गयी थी। लेकिन नेता का चुनाव नहीं हो पाया।
हालांकि इसमें नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से नेता चुनने के लिए अधिकृत कर दिया गया था।
आखिरकार नीतीश कुमार ने अपने पुराने साथी और करीबी श्रवण कुमार को जेडीयू विधायक दल का नेता चुन लिया।
परिवारवाद से दूर नीतीश
जेडीयू में इस बात की चर्चा हो रही थी कि नीतीश कुमार अपने बेटे को नेता चुन सकते हैं।
दबे ज़ुबान इस बात की चर्चा थी कि निशांत को बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
नीतीश चाहते तो निशांत को नेता चुन भी सकते थे और पूरी पार्टी इसे स्वीकार भी कर लेती।
लेकिन नीतीश ने परिवारवाद से दूर जेडीयू के एक समर्पित और कद्दावर नेता श्रवण कुमार पर भरोसा जताया।
नीतीश सरकार में श्रवण कुमार कई विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
वे उनके गृह जिला नालंदा के ही रहने वाले हैं।
श्रवण कुमार का राजनीतिक अनुभव
श्रवण कुमार नालंदा जिले के रहने वाले हैं।
वे 1995 से लगातार विधायक चुनते आ रहे हैं।
नीतीश कुमार के हर कार्यकाल में वे मंत्री के रूप में कार्य करते रहे हैं।
