Tribute to Asha Bhosle: आशा भोसले (Asha Bhosle) अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके गीत हमेशा लोगों के जेहन में जिंदा रहेंगे।
रांची में कायस्थ क्रांतिकारी विचार मंच के कला संस्कृति मंच (केकेवीएम) के बैनर तले आशा भोसले को याद किया गया।
इस दौरान मंच के गायकों ने आशा भोसले के गीत गाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
केकेवीएम के अध्यक्ष पराग भूषण और राजेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजन हुआ।
इस दौरान मौजूद लोगों ने आशा ताई के गाये गीतों का आनंद लिया।
इस दौरान अतिथि के तौर पर गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, वंदना रॉय, राजीव कुमार, राजेश लाल, सजेश लाल, मनोज कुमार मौजूद रहे।
अन्य अतिथियों में बॉलीवुड अभिनेता देवेश खान, बुलंद अख्तर, निगार सुल्ताना, वीणा श्री और सुशीला भी मौजूद रहे।
इस आयोजन में बिहार क्लब के गायक पराग भूषण, राजेश श्रीवास्तव, अभय, संजय, शशि सिन्हा, विजय खरे, आकाश, सीमा, ऋतु, मिली, खुशी खरे और राजकुमार ने अपनी आवाज़ से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
केकेवीएम के अध्यक्ष पराग भूषण ने कार्यक्रम का संचालन भी किया।
लोग पराग भूषण के गीत और उनके कार्यक्रम संचालन की जमकर तारीफ की।
साथ ही सभी गायकों के गीतों पर नम आंखों से आशा ताई को याद करते रहे।
आशा ताई का सफर
बॉलीवुड की जानी मानी गायिका आशा भोसले का 12 अप्रैल को निधन हो गया।
8 सितंबर 1933 को जन्मीं आशा भोसले ने 10 वर्ष की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था।
आशा भोसले 90 साल की उम्र तक अपनी आवाज़ का जादू बिखेरती रहीं।
79 साल की उम्र में आशा भोसले ने अभिनय में डेब्यू किया और वर्ष 2013 में आई फिल्म माई में मुख्य भूमिका निभाई।
आशा भोसले को फिल्मी जगत में आशा ताई के नाम से भी जाना जाता है।
करीब 7 दशकों तक चले उनके करियर में उन्होंने 12 हज़ार से ज़्यादा गानों में अपनी आवाज दी।
उनके नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्डस की तरफ से संगीत के इतिहास में सबसे ज़्यादा गाना रिकॉर्ड करने वाली कलाकार की मान्यता मिली थी।
उनके गाये सैंकड़ों गीत आज भी लोगों के ज़ुबान पर रहते हैं।
बहुमुखी प्रतिभा की धनी आशा भोसले ने कैबरे, पॉप, गजल और शास्त्रीय संगीत जैसी शैली में गीत गाये।
उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार के अलावा दादा साहेब फाल्के पुरस्कार भी मिला।
